राजस्थान सरकार प्रदेश के पशुधन को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को बगरू स्थित श्री रामदेव गोशाला से खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण टीकाकरण कार्यक्रम के सातवें चरण का भव्य शुभारंभ किया। इस राज्य स्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के गोवंश और भैंस वंशीय पशुओं को इस घातक संक्रामक रोग से सुरक्षा प्रदान करना है।
पशुपालकों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता—
शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार पशु कल्याण के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पशुधन केवल हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों किसानों और पशुपालकों की आजीविका का मुख्य आधार है। पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार सीधा पशुपालकों की आर्थिक उन्नति से जुड़ा है।
अभियान का लक्ष्य: 2.32 करोड़ पशुओं का कवच—
मंत्री कुमावत ने जानकारी दी कि टीकाकरण के इस सातवें चरण के अंतर्गत राजस्थान के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा। विभाग ने इस बार प्रदेश के लगभग 2 करोड़ 32 लाख गौ एवं भैंस वंशीय पशुओं के टीकाकरण का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि एफएमडी एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जिससे न केवल पशुओं का स्वास्थ्य गिरता है, बल्कि दुग्ध उत्पादन में भी भारी गिरावट आती है, जिसका सीधा नुकसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होता है।
वर्ष 2030 तक ‘FMD मुक्त राजस्थान’ का संकल्प—
पशुपालन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को कड़े निर्देश दिए कि टीकाकरण का यह कार्य पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से संपन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राजस्थान को पूरी तरह से खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्त बनाना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हर पात्र पशु तक वैक्सीन की पहुंच सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
जन-जन से सहयोग की अपील—
कार्यक्रम के दौरान श्री कुमावत ने आमजन और पशुपालकों से भावुक अपील करते हुए कहा, “पशुधन को इस जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए अपने सभी पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और आपके पशुओं के जीवन की रक्षा का कवच है।” उन्होंने विश्वास जताया कि स्वस्थ पशुधन से प्रदेश में श्वेत क्रांति को और मजबूती मिलेगी और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर विभाग के उच्च अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे। बगरू की रामदेव गोशाला में आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशभर के पशुपालकों में एक सकारात्मक संदेश भेजा है कि सरकार उनके द्वार पर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए तत्पर है।




