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Rajasthan News: प्रदेश में भीषण गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए सरकार ने चिकित्सा संस्थानों में किया पुख्ता इंतजाम  

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प्रदेश में आगामी दिनों में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने चिकित्सा सेवाओं को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेशभर में हीटवेव प्रबंधन और मौसमी बीमारियों की स्थिति की समीक्षा की। इमरजेंसी के लिए विशेष इंतजाम— प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी चिकित्सा संस्थानों में लू-तापघात से पीड़ित मरीजों के तत्काल उपचार के लिए विशेष ‘हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कॉर्नर’ स्थापित किए जाएं। इन कॉर्नर्स में आवश्यक दवाएं, ओआरएस घोल, ड्रिप और जांच की सुविधाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इमरजेंसी सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों के लिए शीतल पेयजल और छाया की व्यवस्था— श्रीमती राठौड़ ने चिकित्साधिकारियों को ‘प्रो-एक्टिव अप्रोच’ अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि अस्पतालों में आने वाले रोगियों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध हों। अस्पतालों के प्रतीक्षालय में पर्याप्त छाया, कूलर-पंखों की कार्यशीलता और शीतल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसमी बीमारियों पर निगरानी— हीटवेव के साथ-साथ मौसमी बीमारियों (जैसे डायरिया, फूड पॉइजनिंग) की रोकथाम के लिए भी सचिव ने सतर्क रहने को कहा। उन्होंने फील्ड स्टाफ को सक्रिय करने और दवाइयों के स्टॉक की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। आमजन को लू से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करने के लिए आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) शामिल हुए, जिन्हें स्थानीय स्तर पर त्वरित एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Jaipur News: जयपुर में ‘राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026’ का भव्य आगाज़, 26 अप्रैल तक शुद्ध मसालों की महक से महकेगा जवाहर कला केन्द्र 

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गुलाबी नगरी के निवासियों के लिए शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मसालों का पसंदीदा केंद्र ‘राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026’ शुक्रवार से शुरू हो गया। जवाहर कला केन्द्र में आयोजित इस मेले का विधिवत शुभारम्भ प्रदेश के सहकारिता मंत्री द्वारा किया गया। यह आयोजन 26 अप्रैल तक चलेगा, जहाँ शहरवासी सुबह से रात तक खरीदारी का आनंद ले सकेंगे। 150 स्टॉल्स पर उपलब्ध है देश-प्रदेश की विविधता— इस वर्ष मेले में लगभग 150 स्टॉल्स लगाई गई हैं। सहकारिता मंत्री और शासन सचिव ने विभिन्न स्टॉल्स का बारीकी से अवलोकन किया और सहकारी समितियों द्वारा प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी ली। मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों की सहकारी समितियों ने भी अपने विशेष उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। यहाँ खड़े मसालों से लेकर पिसे हुए मसाले, अचार, मुरब्बे और कई अन्य खाद्य उत्पाद एक ही छत के नीचे उचित मूल्य पर उपलब्ध हैं। उपभोक्ताओं का भरोसा और परंपरा— सहकारिता विभाग और राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफेड) द्वारा वर्ष 2003 से निरंतर इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। अपनी शुद्धता और सही दाम के कारण यह मेला जयपुरवासियों के बीच खासा लोकप्रिय है। मंत्री ने बताया कि उपभोक्ताओं को मिलावट रहित वस्तुएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जयपुर की तर्ज पर अब जिला स्तर पर भी इन सहकार मेलों का आयोजन किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। प्रमुख आकर्षण— मेले में इस बार तकनीकी नवाचारों और बेहतर पैकेजिंग वाले उत्पादों पर जोर दिया गया है। 17 से 26 अप्रैल तक चलने वाले इस उत्सव में न केवल व्यापार, बल्कि सहकारिता की भावना को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। यदि आप भी रसोई के लिए शुद्ध मसालों की तलाश में हैं, तो जवाहर कला केन्द्र में चल रहा यह मेला आपके लिए बेहतरीन विकल्प है।

Rajasthan News: मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में सरकार का इस वर्ष 30 हजार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ को लेकर मिशन मोड में काम कर रही है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के दौरान प्रदेश के 30 हजार युवाओं को लाभान्वित करने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने जून माह तक ही 60 हजार आवेदन बैंकों को भेजने का टारगेट तय किया है। दोगुने आवेदन भेजने के निर्देश— योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित लक्ष्य से कम से कम दोगुने आवेदन बैंकों को अग्रेषित करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दस्तावेजों की कमी या तकनीकी कारणों से कुछ आवेदन निरस्त होने के बावजूद, मुख्य लक्ष्य (30 हजार लाभार्थी) को समय रहते प्राप्त किया जा सके। योजना को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अब तक विभाग के पास 3,580 करोड़ रुपये की ऋण राशि के लिए 73 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से विभागीय स्तर पर छंटनी के बाद 31 हजार से अधिक आवेदनों को ऋण स्वीकृति के लिए विभिन्न बैंकों को भेजा जा चुका है। सरकार का प्रयास है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता रहे और पात्र युवाओं को बिना किसी देरी के पूंजी उपलब्ध हो सके। ब्याज मुक्त ऋण और मार्जिन मनी का लाभ— इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता वित्तीय सहायता का ढांचा है। योजना के अंतर्गत अपना स्वयं का उद्योग या सेवा क्षेत्र में काम शुरू करने के लिए युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, आर्थिक रूप से सहयोग देने के लिए 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी का भी प्रावधान है, जो नए उद्यमियों के लिए शुरुआती पूंजी की बाधा को दूर करता है। यह योजना न केवल बेरोजगारी दर को कम करने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए स्टार्टअप्स के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।

 Rajasthan News: उपखण्ड अधिकारी नादोती काजल मीना को 60,000 रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडा 

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एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी सवाई माधोपुर इकाई ने गुरूवार को सुश्री काजल मीना, उप खण्ड अधिकारी, उपखण्ड नादोती जिला और अपने रीडर दिनेश कुमार सैनी, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक के मार्फत परिवादी से उसकी भूमि की तकाशनामें की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 60000 की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी सवाई माधोपुर को एक शिकायत इस आशय कि मिली कि परिवादी से उसकी भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में एसडीएम सुश्री काजल मीना अपने रीडर दिनेश सैनी के मार्फत 50,000 रूपये रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है। परिवादी ने यह भी बताया पूर्व में एक लाख रूपये रिश्वत की मांग कर 50,000/- रूपये रिश्वत राशि लेने पर सहमत हुये, जिस पर परिवादी द्वारा दिनांक 16.04.2026 को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया तो सुश्री काजल मीना एसडीएम के रीडर द्वारा परिवादी की भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 50,000/- रूपये एसडीएम सुश्री काजल मीना व 10,000/- रूपये स्वंय के लिये मांग की गई। उक्त मांग के अनुसरण में रिश्वती राशि 60,000 रूपये आज दिनांक 16.04.2026 को परिवादी से कार्यालय उपखण्ड अधिकारी नादोती में बुलाकर प्राप्त करना और रिश्वत राशि 60,000/- रूपये प्राप्त कर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को देकर रवाना करना व वक्त कार्यवाही आरोपी रीडर दिनेश सैनी रिश्वत राशि एसडीएम काजल मीना के लिये लेना बताने पर जरिये मोबाईल सुश्री काजल मीना की रीडर दिनेश सैनी से वार्ता करवाई गई तो रिश्वत राशि की सहमती देना और रीडर दिनेश सैनी से जरिये मोबाईल प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को जरिये मोबाईल सूचित कर रिश्वत राशि सहित कार्यालय में उपस्थित होने की कहने पर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक एसडीएम कार्यालय मय बैग के उपस्थित हुआ। उक्त बैग में रिश्वत राशि 60,000 रुपये बरामद होना व उक्त बैग में संदिग्ध राशि 4,00,000/- रूपये बरामद होने पर उक्त सुश्री काजल मीना एसडीएम, दिनेश सैनी रीडर, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को रंगे हाथों डिटेन किया है। उक्त संदिग्ध राशि के सम्बन्ध में भी पूछताछ जारी है। ए.सी.बी. की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमति स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन एवं श्रीमति एस परिमला महानिरीक्षक पुलिस के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ और कार्यवाही जारी है। ए.सी.बी. द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।

C M NEWS: राजनीति में बढ़ेगी आधी आबादी की भागीदारी, लोकतंत्र होगा और सशक्त —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका को निर्णायक बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राजनीति में ‘आधी आबादी’ की सहभागिता केवल नारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे कानून बनाने की प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल होंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल एक नीति नहीं, बल्कि सरकार का संकल्प है। विधानसभा और संसद में उनकी उपस्थिति से लोकतंत्र अधिक समावेशी और संवेदनशील बनेगा। सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि— श्री शर्मा ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उनका सम्मान हमारी सरकार के लिए सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार महिला सुरक्षा के प्रति अत्यंत सजग है। अपराधियों के मन में डर और बहन-बेटियों के मन में विश्वास पैदा करना ही हमारा ध्येय है।” इसके लिए पुलिस प्रशासन को और अधिक संवेदनशील बनाया गया है तथा महिला गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। विकसित भारत की धुरी है नारी शक्ति— मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राजस्थान की महिलाएं विकास के हर क्षेत्र में नेतृत्व करेंगी। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुँचाया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान उन्होंने आह्वान किया कि महिलाएं जागरूक होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Rajasthan News: प्रदेशभर में ‘पोषण पखवाड़ा’ की धूम, नौनिहालों के डिजिटल डिटॉक्स पर जोर

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राजस्थान में 8वें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़े के तहत बच्चों के समग्र विकास को लेकर एक नई मुहिम शुरू की गई है। इस बार राज्य सरकार का मुख्य फोकस न केवल बच्चों के बेहतर खान-पान (पोषण) पर है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य और मस्तिष्क विकास के लिए ‘स्क्रीन टाइम’ को कम करने पर भी है। 20 लाख से अधिक गतिविधियां आयोजित— महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से आयोजित इस पखवाड़े के दौरान अब तक प्रदेशभर में 20 लाख से अधिक विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा चुकी हैं। इन कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ग्रासरूट स्तर पर जाकर पोषण के महत्व को समझाया है। खेल-कूद, पोषण वाटिका का निर्माण, और स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा जैसी गतिविधियों ने इस अभियान को एक जनांदोलन का रूप दे दिया है। स्क्रीन टाइम: आधुनिक समय की बड़ी चुनौती— इस वर्ष के अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बच्चों में बढ़ती मोबाइल और टीवी की लत को कम करना है। सरकार अभिभावकों को जागरूक कर रही है कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के संज्ञानात्मक (Cognitive) विकास को बाधित कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने से बच्चों में एकाग्रता की कमी, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्या बढ़ रही है। इसके विकल्प के रूप में अभिभावकों को बच्चों के साथ पारंपरिक खेल खेलने और उन्हें प्रकृति से जोड़ने की सलाह दी जा रही है। मस्तिष्क विकास और पोषण का समन्वय— सरकार का मानना है कि जीवन के शुरुआती साल (First 1000 Days) मस्तिष्क के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। संतुलित आहार के साथ-साथ यदि बच्चों को डिजिटल स्क्रीन से दूर रखकर रचनात्मक गतिविधियों में लगाया जाए, तो उनके सीखने की क्षमता में कई गुना वृद्धि होती है। इस संदेश को ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ अभियान के साथ जोड़कर हर घर तक पहुँचाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से राजस्थान सरकार एक स्वस्थ और मानसिक रूप से सजग भावी पीढ़ी तैयार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।

Rajasthan News: विश्व बैंक ने राजस्थान में सड़क नेटवर्क सुधार के लिये 225 मिलियन डॉलर की मंजूरी दी

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राजस्थान में बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विश्व बैंक ने 225 मिलियन डॉलर (लगभग 1,800 करोड़ रुपये से अधिक) की परियोजना को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य राज्य के राजमार्गों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और उनका आधुनिकीकरण करना है। 800 किलोमीटर राजमार्गों का कायाकल्प— इस परियोजना के तहत राजस्थान के लगभग 800 किलोमीटर लंबे राज्य राजमार्गों का उन्नयन और रखरखाव किया जाएगा। इसमें सड़कों को चौड़ा करना, उनकी सतह को मजबूत बनाना और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना शामिल है। परियोजना का फोकस न केवल नई सड़कों के निर्माण पर है, बल्कि मौजूदा नेटवर्क के कुशल प्रबंधन और नियमित रखरखाव पर भी है ताकि लंबे समय तक इनकी गुणवत्ता बनी रहे। पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ— बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। उन्नत राजमार्गों से लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और उद्योगों के लिए कच्चा माल व तैयार माल का परिवहन आसान होगा, जिससे प्रदेश की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इसके साथ ही, राजस्थान एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र है। राज्य के दूर-दराज के ऐतिहासिक स्थलों और किलों तक सुगम पहुंच सुनिश्चित होने से पर्यटन क्षेत्र को भारी बढ़ावा मिलेगा। यह रोजगार के नए अवसर पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मददगार साबित होगा। सुरक्षा और पर्यावरण पर जोर— विश्व बैंक की इस सहायता में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को हटाना और उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली को लागू करना इस योजना का अहम हिस्सा है। साथ ही, निर्माण कार्यों में पर्यावरण अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यह परियोजना राजस्थान की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगी, जो राज्य को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक सड़क तंत्र वाले प्रदेश के रूप में स्थापित करेगी।

C M NEWS: नारी शक्ति की सहभागिता से ही साकार होगा ‘विकसित भारत’ का सपना —मुख्यमंत्री 

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी के बिना एक सशक्त राष्ट्र की कल्पना अधूरी है। राजस्थान की बेटियां आज अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की छात्राओं के साथ आयोजित ‘वर्चुअल संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नारी शक्ति वंदन अधिनियम: नीति निर्माण में मील का पत्थर— संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कानून देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नीति निर्माण में महिलाओं की ‘आधी आबादी-पूरी सहभागिता’ सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व संभालेंगी और निर्णयों में हिस्सेदार बनेंगी, तभी समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव होगा। आत्मविश्वास से पूरे करें सपने— मुख्यमंत्री ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए आह्वान किया कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, “आपका दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास ही विकसित भारत की ओर बढ़ते हमारे कदम हैं।” उन्होंने छात्राओं से अपने अनुभवों को साझा करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर प्रयास करने की बात कही। बेटियों की सफलता पर गर्व— श्री शर्मा ने राजस्थान की बेटियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि खेल, शिक्षा, प्रशासन और तकनीक जैसे हर क्षेत्र में हमारी बेटियां प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है। इस वर्चुअल संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों की छात्राओं से सीधा संवाद कर उनके अनुभव सुने। छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपनी भविष्य की योजनाओं और चुनौतियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राजस्थान की यह युवा शक्ति अपने कौशल और सामर्थ्य से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

Rajasthan News: कांग्रेस की ठहरी हुई सियासत में गहलोत ने कंकर मार हलचल मचा दी

राजस्थान की सियासत में जब भी शांति नजर आती है, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक बयान फिर से हलचल पैदा कर देता है। मंगलवार को नागौर जिले के डीडवाना में गहलोत ने एक बार फिर साल 2020 के ‘मानेसर घटनाक्रम’ का जिक्र कर प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और पुराने जख्मों को हवा दे दी है। गहलोत का प्रहार: अपनों के साथ भाजपा पर निशाना— दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई की स्मृति सभा में शामिल होने से पहले डीडवाना पहुंचे गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए 2020 के सियासी संकट को याद किया। उन्होंने कहा कि किस तरह चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश रची गई थी। गहलोत ने न केवल भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया, बल्कि इशारों-इशारों में अपनी ही पार्टी के उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो उस वक्त मानेसर चले गए थे। सियासी गलियारों में चर्चा और गुटबाजी का डर— राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गहलोत का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश कांग्रेस आगामी उपचुनावों और संगठन को मजबूत करने की तैयारी कर रही है। उनके इस ‘फ्लैशबैक’ से पार्टी के भीतर सचिन पायलट खेमे और गहलोत खेमे के बीच की खाई फिर से चौड़ी हो सकती है। डीडवाना में दिए इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक चर्चा है कि क्या गहलोत राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ और ‘अंतिम शब्द’ की भूमिका को फिर से पुख्ता करना चाहते हैं। दिल्ली रवानगी से पहले दिया बड़ा संदेश— गहलोत का यह बयान डीडवाना में उस वक्त आया जब वे दिल्ली जाने की तैयारी में थे। जानकार इसे आलाकमान तक अपनी बात पहुंचाने का एक तरीका भी मान रहे हैं। एक तरफ जहां पार्टी एकजुटता का दावा कर रही है, वहीं गहलोत के इन बयानों ने साफ कर दिया है कि 2020 की कड़वाहट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अब देखना यह है कि प्रदेश नेतृत्व और आलाकमान इस ‘बयानी जंग’ को कैसे शांत करता है।

Rajasthan NEWS: प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई –कृषि मंत्री

प्रदेश में आगामी खरीफ सीजन 2026 को लेकर राज्य सरकार ने किसानों के लिए खाद-उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। कृषि मंत्री ने विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी। अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस— कृषि मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि उर्वरकों के अवैध भंडारण, डायवर्जन और कालाबाजारी को रोकने के लिए विभाग पूरी सख्ती बरत रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी खाद विक्रेता या डीलर अनियमितता में संलिप्त पाया गया, तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभाग द्वारा गठित विशेष टीमें जिला स्तर पर लगातार औचक निरीक्षण और स्टॉक की जांच कर रही हैं। विक्रेताओं के लिए सख्त चेतावनी— मंत्री ने कहा, “किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद की कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों और निर्धारित दर से अधिक दाम वसूलने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई (FIR) सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे अपने स्टॉक और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड पारदर्शी रखें। किसानों के लिए सुलभ आपूर्ति— सरकार का लक्ष्य है कि मानसून की दस्तक के साथ ही किसानों को यूरिया और डीएपी के लिए कतारों में न लगना पड़े। इसके लिए सहकारी समितियों और निजी केंद्रों पर खाद का अग्रिम भंडारण शुरू कर दिया गया है। कृषि मंत्री ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी की सूचना तुरंत स्थानीय कृषि कार्यालय को दें। प्रदेश सरकार खरीफ 2026 में उन्नत खेती और किसानों की समृद्धि के लिए उर्वरकों की ‘डोर-स्टेप’ उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है।