Rajasthan News: प्रदेश में 17 खाद्य उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन पर लगी रोक 

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राजस्थान के खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में लिए गए खाद्य नमूनों की जांच के बाद, असुरक्षित पाए गए 17 नामी और स्थानीय खाद्य उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रमुख शासन सचिव की कार्रवाई— चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि अप्रैल माह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशेष अभियान चलाकर पैक्ड खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला में जांच के दौरान इन 17 उत्पादों में मिलावट या हानिकारक तत्व पाए गए, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर इन उत्पादों के पूरे राज्य में वितरण, प्रदर्शन और विक्रय पर आगामी 2 माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। विक्रेताओं के लिए सख्त निर्देश— खाद्य सुरक्षा आयुक्त की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब कोई भी खाद्य सामग्री विक्रेता इन प्रतिबंधित उत्पादों को न तो अपनी दुकान पर प्रदर्शित (Display) कर सकेगा और न ही इनका विक्रय कर सकेगा। यदि किसी प्रतिष्ठान पर ये उत्पाद पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम’ के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित उत्पादों की श्रेणी— इन 17 उत्पादों में मुख्य रूप से दैनिक उपयोग में आने वाले पैक्ड आयटम शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की टीमें अब बाजार में सघन निगरानी रखेंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रतिबंधित सामग्री ग्राहकों तक न पहुँचे। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि वे खरीदारी करते समय गुणवत्ता और ब्रांड की जांच करें। यह कदम मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार के “शुद्ध के लिए युद्ध” अभियान को मजबूती देने के लिए उठाया गया है। ये है वो 17 उत्पाद— श्री डेयरी ब्राइट (Shri Dairy Bright): कृष्णा फूड प्रोडक्शन, झज्जर (हरियाणा)। धेनु सरस (Dhenu Saras): धेनुश्री डेयरी प्रोडक्ट्स, लूणी, जोधपुर। ईजी डेयरी (Easy Dairy): प्रथम ट्रेडिंग कंपनी, भवानी (हरियाणा)। भोग विनायक (Bhog Vinayak): मारुति एग्रो इंडस्ट्रीज, मुक्तसर (पंजाब)। हरियाणा क्रीम (Haryana Cream): प्रगति फूड प्रोडक्ट्स, भिवानी (हरियाणा)। श्री डेयरी प्रीत (Shri Dairy Preet): आरडी इंडस्ट्रीज, जींद (हरियाणा)। हरियाणा फार्म (Haryana Farm): गिरधर मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड, पानीपत (हरियाणा)। चाय और मसाले— चाय (Bengal Gold): शिवशक्ति टी ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल)। हल्दी (Turmeric): श्री साई मसालेवाला, भरतपुर। नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थ— केसर बाटी (Kesar Bati): ‘युवराज बीकानेर’ ब्रांड के तहत विपणन, मेसर्स रस रसना फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, बीकानेर। रोस्टेड चना (Roasted Gram): स्नेक टेक आरके कंपनी, गुरुग्राम। नमकीन (तीखा मीठा मिक्स): बालाजी वेफर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंदौर। कन्फेक्शनरी: शुगर-बॉइल्ड कन्फेक्शनरी का एक नमूना भी असुरक्षित पाया गया। विभाग ने विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि इन उत्पादों को स्टॉक में रखना या बेचना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दंडनीय है।

Jaipur News: जाम से मिलेगी मुक्ति, गुलाबी नगरी के लिए बना ‘स्मार्ट’ ट्रैफिक प्लान

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जयपुर शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के ट्रैफिक को आधुनिक, सुगम और सुरक्षित बनाना है। मजबूत प्रशासनिक ढांचा— ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए पुलिस विभाग के ढांचे में बड़ा विस्तार किया गया है। अब जयपुर में एडीसीपी (ट्रैफिक) के 4 और एसीपी (ट्रैफिक) के 8 नए पद सृजित किए गए हैं। अधिकारियों की संख्या बढ़ने से मॉनिटरिंग और फील्ड वर्क में सुधार होगा। साथ ही, पुलिस अधिकारियों के लिए ‘प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन प्रणाली’ लागू की जाएगी, जिससे उनकी जवाबदेही तय होगी। आधुनिक तकनीक का उपयोग— शहर में ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके तहत मुख्य चौराहों पर स्मार्ट सिग्नल और कैमरे लगेंगे, जो ट्रैफिक घनत्व के अनुसार खुद समय तय करेंगे। यादगार (अजमेरी गेट) से सांगानेर तक एक ‘मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोर’ विकसित किया जाएगा, जो पूरे शहर के लिए एक मानक बनेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर और रोड इंजीनियरिंग— नई योजना में रोड इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार को प्राथमिकता दी गई है। ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को चिन्हित कर उनमें सुधार किया जाएगा। इसके अलावा, अवैध अतिक्रमण हटाने और पार्किंग प्रबंधन को सख्त बनाकर सड़कों की चौड़ाई का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन और सुगम संचालन— शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली सिटी बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन के रूटों का पुनः संयोजन किया जाएगा, ताकि सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम हो सके। इस व्यापक कार्ययोजना से न केवल जयपुर के निवासियों को रोजाना के जाम से राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी शहर की छवि सुधरेगी। आने वाले समय में जयपुर का यातायात अधिक स्मार्ट और संगठित नजर आएगा।

Mehandipur Balaji: कार और बस की भिड़ंत के बाद भारी बवाल, बस कर्मियों ने श्रद्धालुओं से की मारपीट, तीन गिरफ्तार

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धार्मिक नगरी मेहंदीपुर बालाजी में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब महंत किशोरपुरी चिकित्सालय के समीप एक स्लीपर कोच बस और श्रद्धालुओं की कार के बीच टक्कर हो गई। यह सामान्य विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। टक्कर से उपजा विवाद— प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब एक निजी स्लीपर कोच बस पीछे हो रही थी। इसी दौरान बस श्रद्धालुओं की कार से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही मारपीट की शक्ल ले ली। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। महिलाओं के साथ अभद्रता का आरोप— पीड़ित श्रद्धालुओं ने बस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि विवाद बढ़ने पर बस में सवार स्टाफ ने न केवल कार चालक के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि कार में मौजूद महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता की। इस अचानक हुए हमले से श्रद्धालुओं में भय और भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों और अन्य तीर्थयात्रियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन माहौल काफी समय तक गरमाया रहा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई— घटना की सूचना मिलते ही बालाजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी गौरव प्रधान ने बताया कि बस को पीछे लेते समय कार से टकराने के कारण यह पूरा विवाद उत्पन्न हुआ था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपित बस को जब्त कर लिया। तीन आरोपी गिरफ्तार— पुलिस ने इस मामले में बस चालक कमल बलाई, गजराज गुर्जर और योगेश उपाध्याय को हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की गहन जांच जारी है। इस कार्रवाई के बाद तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली है।

Jaipur News: RGHS में फर्जीवाड़ा, निविक हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सोमदेव बंसल गिरफ्तार

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राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में फर्जी दस्तावेज अपलोड कर सरकार को वित्तीय चपत लगाने के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। इस धोखाधड़ी के आरोप में जयपुर के मानसरोवर थाना पुलिस ने रविवार को ‘निविक हॉस्पिटल’ के संचालक डॉ. सोमदेव बंसल को गिरफ्तार कर लिया है। अस्पताल में दस्तावेजों की हेराफेरी— डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज ने बताया कि अस्पताल प्रशासन पर भर्ती मरीजों के दस्तावेजों में कांट-छांट करने और हेरफेर कर उन्हें आरजीएचएस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का आरोप है। पुलिस अनुसंधान में यह स्पष्ट हुआ है कि अस्पताल प्रबंधन ने जानबूझकर सरकारी पोर्टल पर गलत जानकारी साझा की ताकि अनुचित लाभ प्राप्त किया जा सके। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग ने भी पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। लंबे समय से था विवाद— यह मामला पिछले कुछ समय से गर्माया हुआ था। पूर्व में वकीलों ने भी अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया था। उस वक्त पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर सवाल भी उठे थे, लेकिन अब दस्तावेजी साक्ष्यों और विभागीय जांच के आधार पर पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है। जांच के घेरे में अन्य कर्मचारी— पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस जालसाजी में डॉ. सोमदेव के साथ और कौन-कौन से कर्मचारी या बिचौलिए शामिल थे। आरजीएचएस के जरिए करोड़ों रुपये के क्लेम उठाने वाले अन्य अस्पतालों पर भी अब प्रशासन की पैनी नजर है। फिलहाल, डॉ. सोमदेव से पूछताछ जारी है और इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। यह कार्रवाई स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश है।

Rajasthan News: सरकार के त्रिवेणी संगम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित 

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राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश का युवा न केवल सशक्त हो रहा है, बल्कि राज्य के विकास की मुख्यधारा से जुड़कर एक सुरक्षित भविष्य की नींव भी रख रहा है। ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ के संकल्प के साथ राज्य सरकार युवाओं को कौशल, रोजगार और स्वरोजगार के त्रिवेणी संगम से जोड़ रही है, जिससे प्रदेश के युवाओं में नया आत्मविश्वास जागा है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से लौटा भरोसा— मुख्यमंत्री ने पदभार संभालते ही युवाओं के हितों को सर्वोपरि रखा। पिछली सरकार के समय पेपर लीक जैसी घटनाओं से टूटे मनोबल को बहाल करने के लिए ‘एसआईटी’ (SIT) का गठन किया गया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। अब प्रदेश में भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से आयोजित की जा रही हैं। राज्य सरकार ने आगामी समय में लाखों सरकारी नौकरियों का रोडमैप तैयार किया है, जिससे युवाओं को अपनी मेहनत का फल मिलने की गारंटी मिली है। कौशल विकास और आत्मनिर्भरता— सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास (Skill Development) पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नई युवा नीति के माध्यम से औद्योगिक मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे निजी क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलों से युवा अब जॉब सीकर (Job Seeker) के बजाय जॉब गिवर (Job Giver) बन रहे हैं। निवेश और नए अवसर— ‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे वैश्विक निवेश सम्मेलनों के माध्यम से प्रदेश में भारी निवेश आ रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों नए अवसर सृजित हो रहे हैं। आईटी, पर्यटन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुले हैं। संक्षेप में, श्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी नीतियों ने राजस्थान के युवाओं को एक नई दिशा प्रदान की है। रोजगार के समान अवसर, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और कौशल संवर्धन के प्रयासों से आज का युवा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, जो विकसित राजस्थान के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी शक्ति साबित होगा।

Jaipur News: महिला सुरक्षा की दिशा में जयपुर पुलिस का बड़ा कदम: पांच नई महिला पीसीआर वैन शुरू

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राजस्थान की राजधानी में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा पांच नई विशेष ‘महिला पीसीआर वैन’ को रवाना किया गया है। 1090 हेल्पलाइन से जुड़ाव और त्वरित कार्रवाई— इन पीसीआर वैनों की सबसे बड़ी विशेषता इनका सीधा जुड़ाव ‘1090 महिला हेल्पलाइन’ से होना है। अब शहर के किसी भी कोने से जब कोई महिला 1090 पर सहायता के लिए कॉल करेगी, तो नजदीकी महिला पीसीआर वैन बिना समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचेगी। इससे न केवल रिस्पॉन्स टाइम में कमी आएगी, बल्कि संकट के समय महिलाओं को तुरंत पुलिस सहायता मिल सकेगी। दो पारियों में गश्त और विशेष निगरानी— जयपुर पुलिस के अनुसार, इन वैनों का संचालन दो पारियों में किया जाएगा। यह पीसीआर वैन विशेष रूप से शहर के उन इलाकों में तैनात रहेंगी जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है। भीड़भाड़ वाले बाजारों, बस स्टैंडों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इनके जरिए निरंतर गश्त की जाएगी ताकि मनचलों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके। शैक्षणिक संस्थानों और मॉल्स पर रहेगी पैनी नजर— महिला सुरक्षा के इस नए सुरक्षा चक्र के तहत स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और शॉपिंग मॉल्स के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से सुदृढ़ किया गया है। अक्सर इन क्षेत्रों में छात्राओं को होने वाली परेशानियों को देखते हुए, महिला पुलिसकर्मी इन स्थानों पर विशेष निगरानी रखेंगी। जयपुर पुलिस का यह कदम पिंक सिटी की महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा करने और अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस बेड़े में और भी वाहन जोड़े जा सकते हैं।

Rajasthan News: हिण्डोली विकास और सुशासन का नया अध्याय —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को हिण्डोली विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान क्षेत्र को बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने यहाँ लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य हर गाँव और हर घर तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। रामसागर झील बनेगा प्रमुख पर्यटन केंद्र— मुख्यमंत्री ने हिण्डोली की ऐतिहासिक रामसागर झील के सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने झील के विकास के लिए द्वितीय चरण के कार्यों की महत्वपूर्ण घोषणा की। श्री शर्मा ने कहा कि रामसागर झील को एक भव्य पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बूंदी जिले के पर्यटन मानचित्र को नई पहचान मिलेगी। महात्मा फुले और सावित्री बाई फुले का पेनोरमा— सामाजिक समरसता और महापुरुषों के सम्मान में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हिण्डोली में महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्री बाई फुले का पेनोरमा बनाया जाएगा। यह पेनोरमा आने वाली पीढ़ियों को उनके महान संघर्ष और शिक्षा के प्रति उनके योगदान की प्रेरणा देगा। पेपर लीक और सुशासन पर कड़ा प्रहार— जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल पर तंज कसा और युवाओं को आश्वस्त किया। उन्होंने गर्व से कहा, “हमारी सरकार के कार्यकाल में अब तक एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित कर रही है। विकास का संकल्प— मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलते हुए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हिण्डोली का यह दौरा क्षेत्र के ढांचागत विकास और सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

 C M NEWS: राजस्थान में एक सशक्त ‘मोबिलिटी रिटेल इकोसिस्टम’ का निर्माण कर रही है —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान में एक सशक्त ‘मोबिलिटी रिटेल इकोसिस्टम’ का निर्माण कर रही है। उन्होंने ‘व्यापार राजस्थान-2026’ कार्यक्रम के विजन को साझा करते हुए कहा कि ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था और ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को पूरा करने में एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान आज निवेशकों और नए उद्यमियों के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। राज्य सरकार की नीतियों का उद्देश्य व्यापार को सुगम बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र न केवल राजस्व का बड़ा स्रोत है, बल्कि यह लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन की रीढ़ भी है। डिजिटल गवर्नेंस पर जोर— प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में ‘वाहन’ और ‘सारथी’ पोर्टल की 53 महत्वपूर्ण सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। अब आमजन और व्यापारियों को आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ते, जिससे समय और धन की बचत हो रही है। कॉन्टैक्टलेस सेवाओं के माध्यम से लर्निंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और नवीनीकरण जैसे कार्य सुगमता से हो रहे हैं। भविष्य की राह— श्री शर्मा ने उद्यमियों का आह्वान किया कि वे राजस्थान के बदलते व्यापारिक परिवेश का लाभ उठाएं। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘व्यापार राजस्थान-2026’ के माध्यम से राज्य को देश का प्रमुख कमर्शियल हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें ऑटोमोबाइल सेक्टर की भागीदारी सबसे अहम होगी। इस पहल से न केवल बड़े शोरूम और सर्विस सेंटर का जाल बिछेगा, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में छोटे स्टार्टअप्स को भी मजबूती मिलेगी।

Rajasthan News: ‘लेटर वॉर’ से भाजपा में अनुशासन और एकजुटता के दावों पर लगे सवालिया निशान 

भाजपा में लंबे समय से सुलग रहा अंतर्कलह अब ‘लेटर वॉर’ के साथ खुलकर सामने आ गया है। असम और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और मावली के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी के बीच के आरोप-प्रत्यारोप ने राजस्थान की सियासत में गरमाहट पैदा कर दी है। हाल ही में राज्यपाल कटारिया ने मीडिया के जरिए जोशी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘रणछोड़’  करार दिया था। कटारिया का सवाल था कि जोशी ने एक चुनाव जीतने के बाद अपनी सीट क्यों छोड़ी? अब पलटवार करते हुए जोशी ने 11 पन्नों की एक लंबी चिट्ठी लिखकर कटारिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। “रणछोड़ मैं नहीं, आप हैं”— जोशी ने अपनी चिट्ठी में कड़ा रुख अपनाते हुए लिखा, “रणछोड़ मैं नहीं हूं, आपने तो हार के डर से खुद अपनी सुरक्षित सीटें बदली थीं। मैंने जीतकर सीट छोड़ी थी, जबकि आप पर आरोप है कि आपने मुझे हराने के लिए विरोधियों की मदद की।” जोशी ने दावा किया कि 2013 में उनका टिकट कटवाने के पीछे कटारिया का हाथ था और वे 15 वर्षों तक क्षेत्र में सक्रिय रहे, इसके बावजूद उन्हें टारगेट किया गया। पुराने जख्मों को कुरेदा— पत्र में जोशी ने एक पुराना मुद्दा उठाते हुए पूछा कि 2008 के चुनाव में कटारिया पर कांग्रेस प्रत्याशी को आर्थिक सहयोग दिलाने के आरोप लगे थे, उस पर वे आज तक मौन क्यों हैं? जोशी ने साफ कहा कि जब राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने उन्हें सार्वजनिक मंच से निशाना बनाया, तो जवाब देना जरूरी हो गया था। भाजपा के इन दो कद्दावर नेताओं के बीच की यह रार बता रही है कि गुटबाजी की जड़ें कितनी गहरी हैं। फिलहाल इस चिट्ठी ने पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता के दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

High Court News: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जयपुर की 2200 करोड़ की जमीन अब हाउसिंग बोर्ड की

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राजस्थान उच्च न्यायालय ने राजधानी के प्राइम लोकेशन बी-2 बाईपास स्थित श्रीराम कॉलोनी की बेशकीमती जमीन को लेकर चल रहे तीन दशक पुराने विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने करीब 42 बीघा 10 बिस्वा भूमि पर राजस्थान आवासन मंडल के मालिकाना हक को सही ठहराते हुए मंडल के पक्ष में निर्णय दिया है। इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत 2200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। साजिश और गलत तथ्यों का खुलासा— न्यायाधीश गणेश राम मीणा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राजस्थान आवासन मंडल की याचिका को स्वीकार कर लिया, जबकि निजी पक्षकारों की ओर से दायर तीन अन्य याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि 12 फरवरी, 2002 को हाईकोर्ट से जो आदेश प्राप्त किया गया था, वह गलत तथ्यों और सूचनाओं को छिपाकर हासिल किया गया था। अदालत ने उस पुराने आदेश को रद्द करते हुए निजी कब्जे की कोशिशों को करारा झटका दिया है। रसूखदारों के पट्टे हुए बेअसर— यह विवाद पिछले 30 वर्षों से न्यायिक प्रक्रिया में उलझा हुआ था। इस दौरान श्रीराम कॉलोनी योजना के तहत कई बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली रसूखदारों को अवैध रूप से पट्टे जारी कर दिए गए थे। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब उन तमाम पट्टों की वैधता समाप्त हो गई है। आवासन मंडल के अधिकारियों के अनुसार, यह भूमि अब मंडल की मानसरोवर या अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का हिस्सा बन सकेगी। न्याय की जीत— कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला सरकारी जमीनों पर रसूखदारों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी नजीर है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर अदालती आदेश हासिल करना न्याय प्रक्रिया का अपमान है। इस फैसले से आवासन मंडल के खजाने में हजारों करोड़ की संपत्ति वापस लौट आई है।