राजस्थान के माइंस विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व संग्रहण की व्यापक कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने इस वर्ष के लिए राजस्व लक्ष्य में 39 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी करते हुए ₹14001 करोड़ वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे देखते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) माइंस एवं पेट्रोलियम, श्रीमती अपर्णा अरोरा ने अधिकारियों को ब्लॉक तैयार करने से लेकर ऑक्शन तक का विस्तृत कैलेंडर जारी करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को खनिज भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में एसीएस ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में वैध खनन को बढ़ावा देने और अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए रोडमैप तैयार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेजर और माइनर मिनरल ब्लॉकों का समयबद्ध डेलिनियेशन कर नीलामी की प्रक्रिया तेज की जाए। विभाग का प्रयास है कि पारदर्शी ऑक्शन के माध्यम से नए खनन क्षेत्रों को विकसित किया जाए।
श्रीमती अरोरा ने बंद पड़ी खानों को पुनः शुरू करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंद खानों में उत्पादन शुरू होने से न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। राजस्व छीजत (लीकेज) रोकने के लिए उन्होंने कार्यालयवार मासिक रोडमैप बनाने और प्रभावी निगरानी प्रणाली लागू करने को कहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप खनन क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग ने 13 प्रतिशत की विकास दर के साथ रिकॉर्ड ₹10394 करोड़ का राजस्व जुटाया था। अब इसी गति को बरकरार रखते हुए विभाग नए लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए तकनीकी सुधारों और त्वरित नीलामी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। बैठक में विशिष्ट सचिव श्रीमती नम्रता वृष्णि और निदेशक माइंस श्री महावीर प्रसाद मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




