C M NEWS: राजनीति में बढ़ेगी आधी आबादी की भागीदारी, लोकतंत्र होगा और सशक्त —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका को निर्णायक बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राजनीति में ‘आधी आबादी’ की सहभागिता केवल नारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे कानून बनाने की प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल होंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल एक नीति नहीं, बल्कि सरकार का संकल्प है। विधानसभा और संसद में उनकी उपस्थिति से लोकतंत्र अधिक समावेशी और संवेदनशील बनेगा। सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि— श्री शर्मा ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उनका सम्मान हमारी सरकार के लिए सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार महिला सुरक्षा के प्रति अत्यंत सजग है। अपराधियों के मन में डर और बहन-बेटियों के मन में विश्वास पैदा करना ही हमारा ध्येय है।” इसके लिए पुलिस प्रशासन को और अधिक संवेदनशील बनाया गया है तथा महिला गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। विकसित भारत की धुरी है नारी शक्ति— मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राजस्थान की महिलाएं विकास के हर क्षेत्र में नेतृत्व करेंगी। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुँचाया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान उन्होंने आह्वान किया कि महिलाएं जागरूक होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Rajasthan News: प्रदेशभर में ‘पोषण पखवाड़ा’ की धूम, नौनिहालों के डिजिटल डिटॉक्स पर जोर

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राजस्थान में 8वें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़े के तहत बच्चों के समग्र विकास को लेकर एक नई मुहिम शुरू की गई है। इस बार राज्य सरकार का मुख्य फोकस न केवल बच्चों के बेहतर खान-पान (पोषण) पर है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य और मस्तिष्क विकास के लिए ‘स्क्रीन टाइम’ को कम करने पर भी है। 20 लाख से अधिक गतिविधियां आयोजित— महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से आयोजित इस पखवाड़े के दौरान अब तक प्रदेशभर में 20 लाख से अधिक विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा चुकी हैं। इन कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ग्रासरूट स्तर पर जाकर पोषण के महत्व को समझाया है। खेल-कूद, पोषण वाटिका का निर्माण, और स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा जैसी गतिविधियों ने इस अभियान को एक जनांदोलन का रूप दे दिया है। स्क्रीन टाइम: आधुनिक समय की बड़ी चुनौती— इस वर्ष के अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बच्चों में बढ़ती मोबाइल और टीवी की लत को कम करना है। सरकार अभिभावकों को जागरूक कर रही है कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के संज्ञानात्मक (Cognitive) विकास को बाधित कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने से बच्चों में एकाग्रता की कमी, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्या बढ़ रही है। इसके विकल्प के रूप में अभिभावकों को बच्चों के साथ पारंपरिक खेल खेलने और उन्हें प्रकृति से जोड़ने की सलाह दी जा रही है। मस्तिष्क विकास और पोषण का समन्वय— सरकार का मानना है कि जीवन के शुरुआती साल (First 1000 Days) मस्तिष्क के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। संतुलित आहार के साथ-साथ यदि बच्चों को डिजिटल स्क्रीन से दूर रखकर रचनात्मक गतिविधियों में लगाया जाए, तो उनके सीखने की क्षमता में कई गुना वृद्धि होती है। इस संदेश को ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ अभियान के साथ जोड़कर हर घर तक पहुँचाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से राजस्थान सरकार एक स्वस्थ और मानसिक रूप से सजग भावी पीढ़ी तैयार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।

Rajasthan News: विश्व बैंक ने राजस्थान में सड़क नेटवर्क सुधार के लिये 225 मिलियन डॉलर की मंजूरी दी

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राजस्थान में बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विश्व बैंक ने 225 मिलियन डॉलर (लगभग 1,800 करोड़ रुपये से अधिक) की परियोजना को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य राज्य के राजमार्गों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और उनका आधुनिकीकरण करना है। 800 किलोमीटर राजमार्गों का कायाकल्प— इस परियोजना के तहत राजस्थान के लगभग 800 किलोमीटर लंबे राज्य राजमार्गों का उन्नयन और रखरखाव किया जाएगा। इसमें सड़कों को चौड़ा करना, उनकी सतह को मजबूत बनाना और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना शामिल है। परियोजना का फोकस न केवल नई सड़कों के निर्माण पर है, बल्कि मौजूदा नेटवर्क के कुशल प्रबंधन और नियमित रखरखाव पर भी है ताकि लंबे समय तक इनकी गुणवत्ता बनी रहे। पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ— बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। उन्नत राजमार्गों से लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और उद्योगों के लिए कच्चा माल व तैयार माल का परिवहन आसान होगा, जिससे प्रदेश की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इसके साथ ही, राजस्थान एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र है। राज्य के दूर-दराज के ऐतिहासिक स्थलों और किलों तक सुगम पहुंच सुनिश्चित होने से पर्यटन क्षेत्र को भारी बढ़ावा मिलेगा। यह रोजगार के नए अवसर पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मददगार साबित होगा। सुरक्षा और पर्यावरण पर जोर— विश्व बैंक की इस सहायता में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को हटाना और उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली को लागू करना इस योजना का अहम हिस्सा है। साथ ही, निर्माण कार्यों में पर्यावरण अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यह परियोजना राजस्थान की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगी, जो राज्य को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक सड़क तंत्र वाले प्रदेश के रूप में स्थापित करेगी।

C M NEWS: नारी शक्ति की सहभागिता से ही साकार होगा ‘विकसित भारत’ का सपना —मुख्यमंत्री 

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी के बिना एक सशक्त राष्ट्र की कल्पना अधूरी है। राजस्थान की बेटियां आज अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की छात्राओं के साथ आयोजित ‘वर्चुअल संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नारी शक्ति वंदन अधिनियम: नीति निर्माण में मील का पत्थर— संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कानून देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नीति निर्माण में महिलाओं की ‘आधी आबादी-पूरी सहभागिता’ सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व संभालेंगी और निर्णयों में हिस्सेदार बनेंगी, तभी समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव होगा। आत्मविश्वास से पूरे करें सपने— मुख्यमंत्री ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए आह्वान किया कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा, “आपका दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास ही विकसित भारत की ओर बढ़ते हमारे कदम हैं।” उन्होंने छात्राओं से अपने अनुभवों को साझा करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर प्रयास करने की बात कही। बेटियों की सफलता पर गर्व— श्री शर्मा ने राजस्थान की बेटियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि खेल, शिक्षा, प्रशासन और तकनीक जैसे हर क्षेत्र में हमारी बेटियां प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है। इस वर्चुअल संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों की छात्राओं से सीधा संवाद कर उनके अनुभव सुने। छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपनी भविष्य की योजनाओं और चुनौतियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राजस्थान की यह युवा शक्ति अपने कौशल और सामर्थ्य से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

Rajasthan News: कांग्रेस की ठहरी हुई सियासत में गहलोत ने कंकर मार हलचल मचा दी

राजस्थान की सियासत में जब भी शांति नजर आती है, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक बयान फिर से हलचल पैदा कर देता है। मंगलवार को नागौर जिले के डीडवाना में गहलोत ने एक बार फिर साल 2020 के ‘मानेसर घटनाक्रम’ का जिक्र कर प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और पुराने जख्मों को हवा दे दी है। गहलोत का प्रहार: अपनों के साथ भाजपा पर निशाना— दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई की स्मृति सभा में शामिल होने से पहले डीडवाना पहुंचे गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए 2020 के सियासी संकट को याद किया। उन्होंने कहा कि किस तरह चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश रची गई थी। गहलोत ने न केवल भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया, बल्कि इशारों-इशारों में अपनी ही पार्टी के उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो उस वक्त मानेसर चले गए थे। सियासी गलियारों में चर्चा और गुटबाजी का डर— राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गहलोत का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश कांग्रेस आगामी उपचुनावों और संगठन को मजबूत करने की तैयारी कर रही है। उनके इस ‘फ्लैशबैक’ से पार्टी के भीतर सचिन पायलट खेमे और गहलोत खेमे के बीच की खाई फिर से चौड़ी हो सकती है। डीडवाना में दिए इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक चर्चा है कि क्या गहलोत राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ और ‘अंतिम शब्द’ की भूमिका को फिर से पुख्ता करना चाहते हैं। दिल्ली रवानगी से पहले दिया बड़ा संदेश— गहलोत का यह बयान डीडवाना में उस वक्त आया जब वे दिल्ली जाने की तैयारी में थे। जानकार इसे आलाकमान तक अपनी बात पहुंचाने का एक तरीका भी मान रहे हैं। एक तरफ जहां पार्टी एकजुटता का दावा कर रही है, वहीं गहलोत के इन बयानों ने साफ कर दिया है कि 2020 की कड़वाहट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अब देखना यह है कि प्रदेश नेतृत्व और आलाकमान इस ‘बयानी जंग’ को कैसे शांत करता है।

Rajasthan NEWS: प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई –कृषि मंत्री

प्रदेश में आगामी खरीफ सीजन 2026 को लेकर राज्य सरकार ने किसानों के लिए खाद-उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। कृषि मंत्री ने विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी। अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस— कृषि मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि उर्वरकों के अवैध भंडारण, डायवर्जन और कालाबाजारी को रोकने के लिए विभाग पूरी सख्ती बरत रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी खाद विक्रेता या डीलर अनियमितता में संलिप्त पाया गया, तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभाग द्वारा गठित विशेष टीमें जिला स्तर पर लगातार औचक निरीक्षण और स्टॉक की जांच कर रही हैं। विक्रेताओं के लिए सख्त चेतावनी— मंत्री ने कहा, “किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद की कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों और निर्धारित दर से अधिक दाम वसूलने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई (FIR) सुनिश्चित की जाएगी।” उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे अपने स्टॉक और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड पारदर्शी रखें। किसानों के लिए सुलभ आपूर्ति— सरकार का लक्ष्य है कि मानसून की दस्तक के साथ ही किसानों को यूरिया और डीएपी के लिए कतारों में न लगना पड़े। इसके लिए सहकारी समितियों और निजी केंद्रों पर खाद का अग्रिम भंडारण शुरू कर दिया गया है। कृषि मंत्री ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी की सूचना तुरंत स्थानीय कृषि कार्यालय को दें। प्रदेश सरकार खरीफ 2026 में उन्नत खेती और किसानों की समृद्धि के लिए उर्वरकों की ‘डोर-स्टेप’ उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है।

Rajasthan News: छोटे व्यापारियों को मिलेंगे 2 करोड़ तक के ऋण, आवेदन प्रक्रिया शुरू

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राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के व्यापारिक परिदृश्य को बदलने और छोटे व्यापारियों को संबल देने के लिए ‘राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी-2025’ के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस महत्वाकांक्षी नीति के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य स्थानीय व्यापारियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना और उन्हें आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं से जोड़ना है। सस्ते ऋण और ब्याज में भारी छूट— नीति की सबसे बड़ी विशेषता व्यापारियों को मिलने वाली वित्तीय सहायता है। इसके तहत खुदरा व्यापारियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए 2 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। व्यापारियों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए सरकार इस ऋण पर 6 प्रतिशत तक का ब्याज अनुदान देगी। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी 50 प्रतिशत तक की सहायता प्रदान की जाएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने का अवसर— उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप प्रदेश में पहली बार ऐसी ट्रेड पॉलिसी लाई गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यापारियों को बड़े ट्रेडर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सुदृढ़ लॉजिस्टिक नेटवर्क के समान अवसर उपलब्ध कराना है। इससे न केवल निवेश में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य में रोजगार के हजारों नए अवसर भी सृजित होंगे। ऐसे करें आवेदन— पॉलिसी का लाभ लेने की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक व्यापारी अपनी स्वयं की एसएसओ आईडी (SSO ID) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, जो व्यापारी स्वयं आवेदन करने में असमर्थ हैं, वे नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर भी इस योजना के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं। यह नीति राजस्थान के व्यापारिक ईकोसिस्टम में मील का पत्थर साबित होगी, जिससे पारंपरिक बाजारों को आधुनिक तकनीक और पूंजी का साथ मिलेगा।

C M NEWS: बाबा साहेब के ‘सबका साथ-सबका विकास’ मंत्र को कर रही साकार – मुख्यमंत्री 

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को बड़ी सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के नगरीय क्षेत्रों में 200 अंबेडकर ई-लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी, ताकि युवाओं को आधुनिक शिक्षा के संसाधन मिल सकें। साथ ही, अंबेडकर पीठ, मूंडला (जयपुर) में अंबेडकर आवासीय कोचिंग केन्द्र खोलने का भी ऐलान किया गया, जहाँ वंचित वर्ग के विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ सरकार बाबा साहेब के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का उजियारा आज अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। बाबा साहेब की शिक्षाएं और उनका दूरदर्शी दृष्टिकोण ही वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली की असली बुनियाद है। श्री शर्मा ने कहा कि आज समाज के सभी वर्गों का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के सिद्धांतों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वंचितों और पिछड़ों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह समारोह बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता और एक समावेशी समाज बनाने के संकल्प का प्रतीक बना।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति और उत्पादन पर दिए कड़े निर्देश

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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को पर्याप्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उत्पादन क्षमता में वृद्धि और छीजत में कमी— बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के बेहतर प्रबंधन और कुशल नीतियों के कारण प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार के प्रयासों से न केवल बिजली के नए स्रोत विकसित हुए हैं, बल्कि तकनीकी सुधारों के माध्यम से छीजत (लाइन लॉस) को कम करने में भी बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य की मांग को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए ठोस कार्ययोजना पर काम जारी रखें। 24 जिलों के किसानों को दिन में बिजली— किसानों के हित में एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए श्री शर्मा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 24 जिलों में किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि “अन्नदाता” की खुशहाली हमारी प्राथमिकता है और जल्द ही शेष जिलों में भी बुनियादी ढांचा मजबूत कर किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। बेहतर प्रबंधन से बढ़ेगा राजस्व— मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनियों (डिस्कॉम्स) को अपनी कार्यप्रणाली में और पारदर्शिता लाने और उपभोक्ता शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि निर्बाध आपूर्ति के साथ-साथ बिजली चोरी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि प्रदेश के आर्थिक स्वास्थ्य में सुधार हो सके। इस बैठक में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने आगामी गर्मियों के सीजन के लिए अभी से अग्रिम योजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की बिजली कटौती का सामना न करना पड़े।

Rajasthan Jews: बंक मारने की सुर्खियों में रहने वाले नीलाभ सक्सेना ने संभाला उद्योग भवन में कार्यभार

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राजस्थान कैडर के विवादास्पद भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी नीलाभ सक्सेना ने सोमवार को उद्योग भवन पहुंचकर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) के आयुक्त का पदभार ग्रहण कर लिया। पद संभालते ही उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप युवाओं को ‘नौकरी देने वाला’ बनाने और ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन की बड़ी-बड़ी बातें तो कीं, लेकिन उनके पीछे करौली जिले में उनके कार्यकाल का वो विवादित साया भी चला आया है, जिसने उनकी प्रशासनिक क्षमता और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। करौली के 30 महीने: विकास की जगह विवादों का रहा बोलबाला— नीलाभ सक्सेना का करौली कलेक्टर के रूप में कार्यकाल जनहित के बजाय व्यक्तिगत अहंकार और प्रशासनिक अक्षमता के लिए याद किया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पाठक ने उन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि श्री सक्सेना ने करौली जिले के बेशकीमती 30 महीने पूरी तरह बर्बाद कर दिए। पाठक के अनुसार, सक्सेना की कार्यशैली किसी लोक सेवक की नहीं बल्कि एक मध्यकालीन ‘राजा’ की थी, जो जनता को घंटों अपने दरबार में खड़ा रखकर फरियाद सुनने के नाम पर उन्हें अपमानित और प्रताड़ित करते थे। जनप्रतिनिधियों का अपमान और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप— सक्सेना पर आरोप है कि उन्होंने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए जनप्रतिनिधियों को चपरासी से भी बदतर तवज्जो दी। इतना ही नहीं, उन पर राजकीय भूमि हड़पने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। भ्रष्टाचार के मामलों में उनकी कथित संलिप्तता और करोड़ों के घोटाले की चर्चाएं अब आम हो गई हैं। आरोप यह भी है कि उन्होंने न केवल मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और संभागीय आयुक्त के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की, बल्कि अपनी अकर्मण्यता को छुपाने के लिए ईमानदार अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रताड़ित किया। जो अधिकारी उनके ‘अवैध’ आदेशों को मानने से इनकार करते थे, उन्हें अकारण चार्जशीट थमा दी जाती थी और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। अशोक पाठक की चेतावनी: होगा ‘कारगुजारियों का पोस्टमार्टम’— नीलाभ सक्सेना के करौली से हटाए जाने के पीछे सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पाठक का कड़ा विरोध एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। पाठक ने अब यह घोषणा कर दी है कि वे सक्सेना के कार्यकाल के दौरान हुई हर एक अनियमितता का ‘पूरा पोस्टमार्टम’ करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि एक ‘बंक मारने’ वाले और प्रशासनिक रूप से अक्षम अधिकारी को इतने महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी मिलना प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हालाँकि श्री सक्सेना अब उद्योग विभाग के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन करौली में उनके द्वारा छोड़े गए ‘अशांति और भ्रष्टाचार’ के पदचिह्न उनका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या एक ऐसा अधिकारी, जिस पर खुद गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप हों, वह प्रदेश के औद्योगिक विकास और युवाओं के स्वरोजगार के साथ न्याय कर पाएगा?