राज्य के नगरीय निकायों में होने वाले आम चुनाव, 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को 24 मार्च से विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग के आदेश के अनुसार 1 जनवरी 2026 की तिथि के अनुसार मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य शुरू किया जाए। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंहने बताया कि निर्वाचन कार्य की तैयारी के क्रम में पूर्व में प्रकाशित विधानसभा मतदाता सूचियों को आधार मानते हुए नगरीय निकायों की वार्डवार मतदाता सूचियां तैयार की जाएगी। इन सूचियों का अद्यतन, दावा-आपत्तियों का निराकरण तथा अंतिम प्रकाशन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। वार्डों का गठन, भागों का निर्धारण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप भागों का पुनर्संयोजन किया जाएगा, ताकि प्रत्येक वार्ड की मतदाता सूची सुव्यवस्थित एवं संतुलित रहे।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रपत्र-ए को तैयार करने की अंतिम तिथि 9 मार्च, ई-सूची पर अपलोड 11 मार्च, प्रोसेस की अंतिम तिथि 13 मार्च, चैकलिस्ट डाउनलोड 14 मार्च, वेरिफाई 16 मार्च, फ्रीज 19 मार्च तथा प्रारूप मतदाता सूची अपलोड की तिथि 22 मार्च, 2026 तय की गई है। इसके बाद निर्वाचक नामावलियों का प्रकाशन का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 24 मार्च, 2026 को निर्वाचक नामावलियों का प्रारूप प्रकाशन करने की तिथि निर्धारित की गई है, 25 मार्च को निर्वाचक नामावलियों का वार्डों और मतदान केंद्रों पर पठन किया जाएगा, दावों एवं आपत्तियां दाखिल करने के लिए 7 अप्रेल, 2026 तक की तिथि निर्धारित की गई है तथा इसके लिए 29 मार्च और 5 अप्रेल, 2026 को विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। दावों और आक्षेपों के निस्तारण की अंतिम तिथि 15 अप्रेल रखी गई है, इसी प्रकार पूरक सूचियों की तैयारियों के लिए 20 अप्रेल, 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 22 अप्रेल, 2026 को किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि निर्वाचन नामावलियों को 1 जनवरी, 2026 को अर्हता तिथि के आधार पर तैयार किया जाएगा। इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी होने वाले व्यक्ति मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के पात्र होंगे।
उन्होंने कहा कि आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मतदाता सूची का कार्य पारदर्शिता एवं सावधानीपूर्वक किया जाए, ताकि कोई पात्र मतदाता वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।