राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण और सुधार के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर विद्यार्थियों को एक सुरक्षित और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देना और स्कूलों में मजबूत आधारभूत संरचना तैयार करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायक वातावरण मिले, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।”
इस योजना के तहत प्रदेश के उन विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा जिनकी इमारतें पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। केंद्र सरकार के 300 करोड़ रुपये के वित्तीय सहयोग से इन भवनों का कायाकल्प किया जाएगा। इसमें नए क्लासरूम का निर्माण, जर्जर छतों की मरम्मत, पेयजल सुविधा और शौचालयों का आधुनिकीकरण शामिल होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बेहतर सुविधाओं से लैस स्कूल न केवल नामांकन बढ़ाने में मददगार साबित होंगे, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार लाएंगे। राज्य सरकार का मानना है कि जब विद्यार्थियों को एक बेहतर परिवेश मिलता है, तो उनकी सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे इस निवेश को राज्य के भविष्य को संवारने वाला कदम माना जा रहा है। सरकार की इस सक्रियता से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में स्थित जर्जर स्कूलों की स्थिति में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश के हजारों छात्र लाभान्वित होंगे।




