बाड़मेर में कुदरत और सिस्टम दोनों के तेवर कड़े नजर आ रहे हैं। एक तरफ फरवरी माह में ही सूर्यदेव ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जहां मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री दर्ज कर पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। वहीं दूसरी ओर, शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को पांच महिला सहकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार और गंभीर धमकियां देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
अश्लील संदेश और दुष्कर्म की धमकी—
मामला तब गरमाया जब स्कूल में पदस्थापित पांच महिला शिक्षकों ने हिम्मत जुटाकर जिला कलक्टर से मुलाकात की और लिखित शिकायत सौंपी। पीड़ित शिक्षिकाओं का आरोप है कि उक्त शिक्षक लंबे समय से उन्हें मोबाइल फोन पर अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। हद तो तब हो गई जब एक महिला शिक्षिका को भेजे गए संदेश में आरोपी ने उसे घर से उठाकर दुष्कर्म करने और जान से मारने की सीधी धमकी दे डाली।
भय के साये में महिला शिक्षिकाएं—
शिकायत के अनुसार, आरोपी शिक्षक केवल संदेशों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह देर रात फोन कॉल कर महिला सहकर्मियों को परेशान करता था। इस लगातार जारी उत्पीड़न से स्कूल के स्टाफ में भारी भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया था। शिक्षिकाओं ने प्रशासन को बताया कि ऐसी स्थिति में उनके लिए स्कूल आकर अपनी सेवाएं देना दूभर हो गया है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई—
मामले की संवेदनशीलता और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया। जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबन आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार का आचरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक को सस्पेंड करने के साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां एक ओर भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं शिक्षक की इस “मानसिक विकृति” ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।



