मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशों की पालना में जयपुर शहर में अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और आम जनता को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
विशेष प्रवर्तन दलों का गठन—
जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के सीधे निर्देशन में जिला रसद अधिकारी प्रियव्रत सिंह चारण ने इस मुहिम को अंजाम देने के लिए 3 विशेष प्रवर्तन दलों का गठन किया। इन दलों में अनुभवी प्रवर्तन अधिकारियों और निरीक्षकों को शामिल किया गया, जिन्होंने शहर के विभिन्न संदिग्ध इलाकों में एक साथ दबिश देकर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया।
भारी मात्रा में सामग्री जब्त—
इस सघन निरीक्षण अभियान के दौरान विभाग को बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रवर्तन दलों ने विभिन्न स्थानों से कुल 118 घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, अवैध रिफिलिंग में प्रयुक्त होने वाले 03 इलेक्ट्रॉनिक कांटे, 02 अन्य उपकरण, 03 रिफिलिंग मोटर, 01 रेगुलेटर और 01 पिकअप वाहन भी कब्जे में लिया गया है। यह सामग्री रिफिलिंग और कालाबाजारी के संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
होगी सख्त कानूनी कार्रवाई—
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अवैध गैस रिफिलिंग न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह रिहायशी इलाकों के लिए एक गंभीर सुरक्षा खतरा भी है। पकड़े गए व्यक्तियों और अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए लोगों के विरुद्ध संबंधित पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया जारी है।
जिला रसद अधिकारी श्री चारण ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।




