गुलाबी नगरी को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम जयपुर और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। निगम के स्वास्थ्य शाखा (चालान प्रकोष्ठ) की टीम ने सरना डूंगरी स्थित एक फैक्ट्री पर औचक छापेमारी कर करीब 9000 किलोग्राम (9 टन) प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और अवैध कैरी बैग बरामद किए हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से इसे शहर की अब तक की सबसे बड़ी जब्ती माना जा रहा है।
आयुक्त के निर्देश पर ‘जीरो टॉलरेंस’ कार्रवाई—
नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के सख्त निर्देशों के बाद विभाग ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। डॉ. सैनी को सूचना मिली थी कि औद्योगिक क्षेत्र में चोरी-छिपे भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक का भंडारण और विक्रय किया जा रहा है। इसी इनपुट के आधार पर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
छापेमारी और भारी जुर्माना
उपायुक्त (स्वास्थ्य) मृणाल कुमार के नेतृत्व में गठित चालान प्रकोष्ठ टीम ने जब सरना डूंगरी स्थित संबंधित फैक्ट्री और गोदामों पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। भारी मात्रा में सिंगल यूज प्लास्टिक के स्टॉक को अवैध रूप से बाजार में खपाने की तैयारी थी। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 9000 किलो प्लास्टिक को अपने कब्जे में लिया और संबंधित व्यापारियों पर 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोंका।
नियम तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी—
कार्रवाई के दौरान उपायुक्त मृणाल कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और निगम प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग, भंडारण और बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा, “कुछ व्यापारी निजी स्वार्थ के लिए नियमों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हमारी टीम ऐसे हॉटस्पॉट्स पर नजर रखे हुए है और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा।”
जनता और व्यापारियों से अपील—
इस बड़ी कामयाबी के बाद निगम आयुक्त ने शहरवासियों और व्यापारिक संगठनों से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि जयपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। उन्होंने व्यापारियों को आगाह किया कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का मोह छोड़कर वैकल्पिक साधनों (कपड़े या जूट के बैग) को अपनाएं। डॉ. सैनी ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इस तरह का अवैध भंडारण पाया गया, तो भारी जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई और प्रतिष्ठान को स्थायी रूप से सील करने जैसे कदम उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई से अवैध प्लास्टिक कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। नगर निगम की इस सक्रियता ने साफ कर दिया है कि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।




