Mines News: अभियंता अवैध खनन क्षेत्र चिन्हित कर करें औचक कार्रवाई —प्रमुख सचिव माइंस

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प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने राज्य में अभियान चलाकर अप्रधान खनिज ब्लॉक तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में प्रधान और अप्रधान खनिज ब्लाकों व प्लाटों की मिशन मोड पर ई-नीलामी का कैलेण्डर बनाकर क्रियान्विति की जाए। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य में 251 अप्रधान खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी की जा चुकी है। शेष अवधि में अप्रधान खनिज प्लॉटों के नीलामी का मासिक कैलेण्डर तैयार किया जा रहा है और लगभग प्रत्येक कार्य दिवस को नीलामी की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और वैध खनन को बढ़ावा देने के लिए मिनरल क्षेत्रों में प्लॉट तैयार कर नीलामी किया जाने की आवश्यकता है।
प्रमुख सचिव शुक्रवार को खनिज भवन में डीएमजी महावीर प्रसाद मीणा और वरिष्ट अधिकारियों के साथ हाईब्रिड मोड पर रुबरु हो रहे थे। उन्होंने कहा कि ऑक्शन कैलेण्डर बनाते समय मेजर मिनरल प्लॉटों में मिनरल विविधिकरण पर जोर दिया जाए ताकि विविधिकृत मिनरलों के ऑक्शन से बहुआयामी निवेश, रोजगार और रेवेन्यू प्राप्त हो सके।
श्री रविकान्त ने कहा कि दो दिनों में फील्ड अधिकारियों को डेलिनियेशन के काम में जुटना होगा और गंभीरता से क्षेत्र का अध्ययन कर प्लॉट तैयार कर मुख्यालय को भिजवाने होंगे। अवैध खनन गतिविधियों पर कार्रवाई में तेजी लाने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए उन्होंने अधीक्षण खनि अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में अवैध खनन क्षेत्रों को चिन्हित करने, क्षेत्र में खनिज खनन उत्पादन, निर्गमन और रेवेन्यू का विश्लेषण करेंगे तो लीकेज का स्वतः पता चलेगा और फिर औचक कार्रवाई करेंगे तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
वहीं निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि प्लॉट और ब्लॉक तैयार कर ऑक्शन प्रक्रिया में प्राथमिकता से लाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में बजरी सहित जब्त खनिजों की नीलामी के लिए जल्द निविदा जारी करने के निर्देश दिए ताकि दिसंबर माह में जब्त खनिजों की नीलामी सुनिश्चित हो सके।

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