घरेलु एलपीजी के दुरूपयोग, कालाबाजारी, अवैध रिफिलिंग, भण्डारण, व्यावसायिक उपयोग को रोकने व मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुँचाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार 16 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक प्रदेश भर में दो सप्ताह के विशेष सघन अभियान संचालित किया गया। विभाग द्वारा गठित विशेष प्रवर्तन दलों ने राज्य के सभी जिलों में गैस एजेंसियों, गोदामों, होटल-ढाबों और संदिग्ध ठिकानों पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति के साथ दबिश दी।
राज्य भर में कुल 2416 प्रतिष्ठानों और संदिग्ध स्थलों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान अवैध रिफिलिंग और दुरुपयोग के 634 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 3080 घरेलू एवं व्यावसायिक सिलेंडर जब्त किए गए। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 17 मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करवाई गई है। शेष प्रकरणों में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (EC Act) के तहत विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु 3,967 लाभार्थियों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। श्री गोदारा ने अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग और अवैध रिफिलिंग न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह आमजन की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। उन्होंने अधिकारियों को औचक निरीक्षण और विशेष अभियान भविष्य में भी नियमित अंतराल पर जारी रखे जाने हेतु निर्देशित किया।
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का अवैध भंडारण या दुरुपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक पात्र परिवार को बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से सब्सिडी और गैस आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।