Rajasthan News: राजस्थान ने खाद्य सुरक्षा में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड 

0
6

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संकल्प ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ को धरातल पर उतारते हुए राजस्थान ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मात्र दो दिनों में हजारों खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित कर ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन’ में अपना नाम दर्ज कराया है।

दो दिनों में 48 हजार से अधिक का पंजीकरण और प्रशिक्षण—

चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के कुशल निर्देशन में खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय द्वारा 17 एवं 18 मार्च को एक वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश भर के 48 हजार से अधिक खाद्य कारोबारियों और संबंधित व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता और मिलावट रोकने के उपायों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस उपलब्धि की विशिष्टता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभियान के पहले ही दिन 30 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो अपने आप में एक स्वतंत्र रिकॉर्ड है।

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई उपलब्धि—

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने इस ऐतिहासिक सफलता की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्थान की इस मुहिम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन’ ने इसे सबसे कम समय में सर्वाधिक खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित करने वाले कार्यक्रम के रूप में मान्यता दी है। श्रीमती राठौड़ ने इस सफलता का श्रेय खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय की टीम, जिला स्तरीय अधिकारियों और फील्ड में कार्यरत उन सभी कार्मिकों को दिया जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इस लक्ष्य को हासिल किया।

मिलावटखोरों पर नकेल और जागरूकता पर जोर—

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि प्रदेश में मिलावटखोरी के विरुद्ध केवल दंडात्मक कार्रवाई ही न हो, बल्कि जागरूकता के माध्यम से एक ऐसा ईकोसिस्टम तैयार किया जाए जहां कारोबारी स्वयं गुणवत्ता के प्रति जवाबदेह बनें। इसी सोच के साथ चिकित्सा मंत्री श्री खींवसर लगातार विभाग की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे-बड़े सभी खाद्य व्यापारियों को यह समझाना था कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना न केवल कानूनी रूप से अनिवार्य है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के प्रति उनकी नैतिक जिम्मेदारी भी है।

भविष्य की रूपरेखा—

प्रशासन का कहना है कि यह केवल एक शुरुआत है। आने वाले समय में इस तरह के जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण शिविर ब्लॉक स्तर तक आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान का प्रत्येक जिला ‘फूड सेफ्टी’ के मानकों पर खरा उतरे ताकि प्रदेश का कोई भी नागरिक मिलावटी खाद्य सामग्री के कारण बीमार न पड़े।

इस विश्व रिकॉर्ड ने न केवल राजस्थान का मान बढ़ाया है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here