राजस्थान सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को वैश्विक पहचान दिलाने और स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए तीन बड़ी नीतियों के माध्यम से रियायतों का पिटारा खोल दिया है। राज्य की एक जिला एक उत्पाद नीति-2024, एमएसएमई नीति-2024 और निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 के तहत अब उद्यमियों को करोड़ों रुपये के अनुदान और पुनर्भरण की सुविधा मिलेगी।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच—
राज्य के 41 जिलों के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ओडीओपी नीति के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य हर जिले की एक विशेष पहचान को बाजार तक पहुँचाना है। इसके लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर अपनाने पर 5 लाख रुपये तथा क्वालिटी सर्टिफिकेशन व आईपीआर पर 3 लाख रुपये तक का पुनर्भरण दिया जा रहा है। डिजिटल दौर में उद्यमियों को जोड़ने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये (2 साल तक) और वेबसाइट विकास हेतु 75 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता भी शामिल है।
छोटे उद्यमियों के लिए वित्तीय कवच—
प्रदेश के छोटे उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 के तहत ऋण पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ दिया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण कदम एसएमई एक्सचेंज से पूंजी जुटाने पर 15 लाख रुपये तक की सीधी सहायता है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल उपकरणों की खरीद पर 50 हजार रुपये और मार्केटिंग आयोजनों में शामिल होने पर 1.5 लाख रुपये तक का अनुदान देकर सरकार छोटे उद्योगों के विकास को गति दे रही है।
तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए 50 लाख की भारी मदद—
राजस्थान को ‘एक्सपोर्ट हब’ बनाने के संकल्प के साथ निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 लागू की गई है। इसके अंतर्गत सबसे बड़ी राहत तकनीकी अपग्रेडेशन के क्षेत्र में दी गई है, जहाँ निर्यातकों को 50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आयोजनों में भागीदारी पर 3 लाख रुपये और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया हेतु 5 लाख रुपये के अनुदान का प्रावधान है। ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुँच बनाने के लिए प्लेटफॉर्म फीस पर भी 2 लाख रुपये का पुनर्भरण देय होगा।
पारदर्शिता और सुशासन पर जोर—
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार इन योजनाओं को पारदर्शिता और नैतिकता के साथ धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। इन नीतियों का मूल उद्देश्य ‘वोकल फॉर लोकल’ को चरितार्थ करते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। सरकार का मानना है कि जब तकनीक और वित्तीय सहायता का संगम होगा, तभी राजस्थान का उद्यमी ‘कर्तव्य बोध’ के साथ प्रदेश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभा पाएगा।




