Rajasthan News: देवेन्द्र जैमन को पत्रकारिता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मिला स्वर्ण पदक

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राजधानी के झालाना डूंगरी स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में मंगलवार, 25 मार्च को हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस समारोह में विश्वविद्यालय के प्रतिभावान छात्र देवेन्द्र जैमन को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से नवाजा गया।

राज्यपाल और दिग्गजों ने बढ़ाया मान—

समारोह की अध्यक्षता कर रहे राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने देवेन्द्र जैमन को स्नातकोत्तर  के मीडिया अध्ययन विभाग में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर गोल्ड मेडल प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा मौजूद रहे। अतिथियों ने देवेन्द्र की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ग्रामीण परिवेश से स्वर्णिम सफर—

मूलतः ग्रामीण परिवेश से ताल्लुक रखने वाले देवेन्द्र जैमन की यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। देवेन्द्र ने न केवल पढ़ाई में अपनी प्रतिभा साबित की, बल्कि वे सामाजिक और छात्र राजनीति के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। उनकी इसी बहुमुखी प्रतिभा के कारण पूर्व में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा उन्हें ‘राजस्थान यूथ आइकॉन अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, उन्हें राज्य और जिला स्तर पर कई अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।

संघर्ष और नेतृत्व की मिसाल—

देवेन्द्र जैमन केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहे। वर्ष 2022 में उन्होंने छात्र संघ चुनाव लड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। वे विश्वविद्यालय परिसर में छात्र हितों की आवाज उठाने और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव संघर्षशील रहे हैं। छात्रों के बीच उनकी पहचान एक जुझारू और संवेदनशील छात्र नेता के रूप में रही है।

मीडिया जगत में नई उम्मीद—

मीडिया अध्ययन विभाग में टॉप करने वाले देवेन्द्र का मानना है कि पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को मुख्यधारा तक पहुंचाना है। दीक्षांत समारोह के बाद देवेन्द्र ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया।

इस दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के अन्य शोधार्थियों और विद्यार्थियों को भी उपाधियां वितरित की गईं, लेकिन देवेन्द्र जैमन जैसी प्रतिभाओं ने यह साबित कर दिया कि यदि दृढ़ निश्चय हो, तो गांव की गलियों से निकलकर स्वर्ण पदक तक का सफर तय करना मुमकिन है।

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