प्रारंभिक शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक सीताराम जाट ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि दोनों कक्षाओं का परीक्षा परिणाम 24 मार्च 2026 से पहले हर हाल में घोषित किया जाना चाहिए। विभागीय रिपोर्टों के अनुसार, राज्य के कई केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और अंकों की ऑनलाइन फीडिंग का कार्य अभी भी लंबित है। इस सुस्ती पर निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि किसी भी छात्र का परिणाम तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही के कारण अटकता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित डाइट प्राचार्य, सीबीआईओ और केंद्राधीक्षक की होगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं 6 मार्च को समाप्त हो चुकी हैं। शाला दर्पण पोर्टल पर अंकों की प्रविष्टि का काम 22 फरवरी से ही शुरू कर दिया गया था। अब विभाग ने सभी विषयों के प्राप्तांकों की ऑनलाइन फीडिंग के लिए 16 मार्च 2026 की अंतिम समय-सीमा तय की है।
निदेशालय ने इस कार्य को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ की श्रेणी में रखा है। विभाग का लक्ष्य है कि समय पर परिणाम घोषित कर आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों को गति दी जा सके। सभी मूल्यांकन केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अतिरिक्त समय देकर शेष कार्य को निर्धारित समय में पूरा करें ताकि 24 मार्च तक सभी विद्यार्थियों के अंक पोर्टल पर अपडेट हो सकें और परिणाम जारी किया जा सके।




