मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में पांच साल बनाम-दो साल पर चर्चा करने के लिये विपक्ष की चुनौती स्वीकार की है। इस के लिये मुख्यमंत्री ने सदन में लाल किताब टेबल की और कहा कि भाजपा सरकार ने दो साल में इतने काम किए हैं, जितने कांग्रेस के पिछले पांच साल के कार्यकाल में भी नहीं हुए। इस मामले पर अध्यक्ष ने कहा कि कार्य सलाहकार समिति में विषय रखकर दिन और समय तय किया जाएगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई विधायक खड़े हो गए और कहा कि पूरे पांच साल के कामकाज पर ही चर्चा करना, सिर्फ कांग्रेस सरकार के दो साल की तुलना नहीं करनी है। जूली ने कहा कि उन्हें भी मुख्यमंत्री की चुनौती स्वीकार है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिये बिना तंज कसते हुये कहा पिछली सरकार के नेता जो सदन में नहीं आ रहे और अपने आपको महात्मा गांधी का अनुयायी बताते हैं, लेकिन उन्होंने युवाओं का हक मारा। उनको फिर से महात्मा गांधी की किताब पढ़नी चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार पर घी पीने का आरोप लगाया है और कहा कि आज उपदेश दे रहे हैं। उन्होने कहा कि राम को अपना लो, फायदे में रहोगे, वरना नजर नहीं आओगे। राम के नाम से कटते रहोगे तो कट ही जाओगे। जबकि महात्मा गांधी खुद भी रामराज्य की स्थापना करना चाहते थे।
दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार ने अब तक की 1727 बजट घोषणाओं में से केवल 754 ही पूरी की हैं। पिछले बजट की महज 18 प्रतिशत घोषणाओं पर अमल हुआ है। दो साल में एक भी नई भर्ती पूरी नहीं हुई और मेधावी छात्राओं की स्कूटी योजना का टेंडर निरस्त कर दिया। उन्होने कहा कि जनता की सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार यह भूल रही है कि वह जनता की मालिक नहीं, बल्कि ट्रस्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिविल लाइंस में मंत्रियों के दरवाजे जनता के लिए बंद हैं।




