Jaipur News:जयपुर रीजन विस्तार पर हाईकोर्ट की रोक: 539 गांवों में निर्माण कार्यों पर लगा ब्रेक

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राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर रीजन के सीमा विस्तार मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 539 नए गांवों में मास्टर प्लान के बिना हो रहे निर्माण और विकास कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है। अदालत ने इस विस्तार को लेकर राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से स्पष्टीकरण मांगते हुए जवाब-तलब किया है।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश—

न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने अधिवक्ता संजय जोशी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश जारी किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना किसी वैध मास्टर प्लान के शहरी सीमा का विस्तार करना नियमों के विरुद्ध है।

नोटिस जारी: कोर्ट ने नगरीय विकास विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, जिला कलेक्टर और राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के प्रमुख अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल 2026 को तय की गई है।

विस्तार पर क्यों उठे सवाल?—

अक्टूबर 2025 में एक अधिसूचना के जरिए जेडीए रीजन में 679 ग्रामीण और कृषि प्रधान गांवों को शामिल किया गया था। याचिका में तर्क दिया गया कि:

मास्टर प्लान का अभाव: जेडीए का वर्तमान मास्टर प्लान 2025 इन नए गांवों को कवर नहीं करता है, और आगामी मास्टर प्लान 2047 अभी तक तैयार नहीं हुआ है।

नियमों की अनदेखी: विस्तार का निर्णय किसी विशेषज्ञ की राय, स्वतंत्र अध्ययन या पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन  के बिना लिया गया है।

ग्रामीण संसाधनों का नुकसान: इस फैसले से ग्राम पंचायतों की शक्तियां समाप्त हो जाएंगी और गांवों की चरागाह व सामुदायिक भूमि पर दबाव बढ़ेगा।

कोर्ट के इस आदेश के बाद अब इन 539 गांवों में जेडीए द्वारा प्रस्तावित कोई भी नया पट्टा जारी करने या निर्माण कार्य करने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

मास्टर प्लान 2047 की प्रमुख विशेषताएं
  • क्षेत्रफल में भारी वृद्धि: जेडीए का अधिकार क्षेत्र वर्तमान 3,000 वर्ग किमी से बढ़ाकर लगभग 6,000 से 9,000 वर्ग किमी करने का प्रस्ताव है।
  • प्रशासनिक पुनर्गठन: कुशल प्रबंधन के लिए प्रशासनिक जोनों की संख्या 18 से बढ़ाकर 27 कर दी गई है।
  • नए निकाय शामिल: इस योजना में 5 नए शहरी निकाय—
    फागी

    चाकसू

    जोबनेर

    शाहपुरा

     और 

    दूदू

    —को शामिल किया गया है।

  • नियोजित विकास: नए क्षेत्रों में अव्यवस्थित निर्माण रोकने के लिए डेवलपमेंट प्रमोशन एंड कंट्रोल रेगुलेशंस (DPCR) लागू किए जाएंगे।
  • परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर: रिंग रोड के बाहर 40 से 60 किमी तक विस्तार कर बिजली, पानी और सीवरेज जैसी सुविधाओं को आधुनिक बनाने का लक्ष्य है।
शामिल विशिष्ट क्षेत्रों और गांवों की जानकारी
अधिसूचना के अनुसार, कुल 679 नए राजस्व ग्राम जेडीए की विस्तारित सीमा में शामिल किए गए हैं। इनमें से प्रमुख तहसीलें और क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
  • प्रमुख तहसीलें: 
    दूदू

    फागी

    चाकसू

    जोबनेर

    शाहपुरा

     और 

    जमवारामगढ़

  • महत्वपूर्ण मार्ग और सीमाएं:
    • टोंक रोड

      : चाकसू मास्टर प्लान की सीमा तक।

    • अजमेर रोड

      : 

      दूदू

       कस्बे की सीमाओं तक।

    • कालवाड़ रोड

      : 

      जोबनेर

       नगर पालिका की सीमा तक।

    • सीकर रोड

      : उदयपुरिया मोड़ तक।

    • दिल्ली/आगरा रोड

      : 

      शाहपुरा

       और 

      जयपुर जिले

       की सीमाओं तक।

  • जोन-वार वितरण: अधिकांश नए गांव नए नक्शे के जोन 15 से 25 के बीच स्थित हैं। 
    सांगनेर

     और 

    बस्सी

     तहसील के कुछ गांव क्रमशः जोन 9 और 10 में शामिल किए गए हैं।

  • सैटेलाइट टाउन: 
    अचरोल

    बगरू

    बस्सी

    भानपुरकलां

    चोमू

    जहोटा

    जमवारामगढ़

    कालवाड़

    कानोता

    कुकस

     और 

    वाटिका

     को प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

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