जयपुर RTO ने 39 लोगों के खिलाफ गांधी नगर थाने में तीन संख्या के VIP नंबरों के फर्जीवाड़े को लेकर मामला में दर्ज कराया है। जिसमें RTO के अधिकारी-कर्मचारियों और बाहरी लोग शामिल है। दूसरी और जयपुर RTO कार्यालय में 775 वाहनों के बिना भौतिक सत्यापन के पाए गए, इन वाहनों रजिस्ट्रेशन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अथवा बिना रिकॉर्ड के किया गया था। अब विभाग सभी 775 वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करेगा। इनमें वाहनों में कई लग्जरी वाहन भी बताये गए है। वहीं अब इन वाहनों के दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। बताया जा रहा है कि इन फर्जीवाड़े से सरकार को 500 से 600 करोड़ रुपए की राजस्व हानि हुई है।
परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा का इस मामले में कहना है कि सभी आरटीओ-डीटीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। 31 दिसंबर तक की समय-सीमा तय की गई थी। जो अधिकारी कार्रवाई नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं जयपुर RTO राजेन्द्र सिंह शेखावत का कहना है कि विभाग की ओर से 39 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है, लेकिन अन्य जिलों में कार्रवाई की धीमी गति को लेकर अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।




