विकास प्राधिकरण आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और शहर के सुनियोजित विकास को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जेडीए की सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयुक्त ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शून्य सहनशीलता की नीति-
आयुक्त ने जेडीए की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि जैसे ही किसी क्षेत्र में अतिक्रमण की सूचना प्राप्त हो, बिना किसी देरी के नियमानुसार चालान पेश किया जाए और मौके पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जेडीए की भूमि सार्वजनिक हित के लिए सुरक्षित है और इसका संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सोमवार से शुरू होगा विशेष साप्ताहिक अभियान-
लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए आयुक्त ने एक नई कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी सोमवार से एक विशेष साप्ताहिक अभियान शुरू किया जाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण के उन सभी मामलों में कार्रवाई करना है जो लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान पूरी पारदर्शिता और गति के साथ कार्य किया जाए ताकि सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा सके।




