जयपुर के राजकीय जयपुरिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला मरीज और डॉक्टर के बीच लात-घूंसे चलने का मामला संज्ञान में आया है। वहीं दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का मामला थाने में दर्ज करवाया है। दूसरी और इस घटना पर रेजिडेंट डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। जानकारी के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टर संजना कुमारी ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस को बताया कि उसके साथ पूनम साहू नाम की मरीज ने हाथापाई की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वहीं चेहरे को नोचने का भी आरोप लगाया है। डॉक्टर ने बताया कि महिला और उसके परिजनों ने मना करने के बावजूद लेबर रूम में घुसने की कोशिश की।
दूसरी ओर भागीरथ नगर गोपालपुरा निवासी पूनम साहू का रिपोर्ट में रेजिडेंट डॉक्टर संजना कुमारी पर आरोप लगाया है कि उसके पेट में तेज दर्द हो रहा था और वह जयपुरिया अस्पताल आई थी। इस दौरान उस को इमरजेंसी में दो इंजेक्शन लगाए और दस मिनट इंतजार करने को कहा। राहत नहीं मिली तो वह दोबारा डॉक्टर के गईं तो वे लोग आपस में गपशप और फोन पर बात करने में व्यस्थ थे। पूनम ने कहा कि मैंने उन्हे देखने के लिये कहा क्योंकि तेज दर्द हो रहा था। इस दौरान एक चिकित्सक ने कहा कि यहां तो ऐसा ही होगा, किसी दूसरे अस्पताल में दिखा लो। विरोध करने पर महिला गार्ड और तीन चार चिकित्सकों ने लेबर रूम में ले जाकर उसके साथ मारपीट की और मोबाइल छीन लिया।
मामले में पुलिस और सरकार पर दवाब बनाने के लिये रेजिडेंट डॉक्टरों ने लाइलाज हथकंडे की चेतावनी है। डॉक्टरों ने कहा कि महिला को गिरफ्तार किया जाए, गलत व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो और सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। कार्रवाई नहीं हुई तो डॉक्टर आंदोलन करेगें। वहीं जयपुरिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जीवराज सिंह ने मामले में कहा है कि माहौल खराब किया गया है। महिला का पूरा चेकअप किया गया था और वह गर्भवती भी नहीं थी।
दूसरी ओर बजाज नगर के थाना प्रभारी पूनम चौधरी ने मामले में कहा है कि डॉक्टरों के कहने पर राजकार्य में बाधा की धारा लगी हुई है। उधर महिला के साथ भी मारपीट की गई है। महिला अस्पताल में भर्ती है। महिला की तरफ से भी मामला दर्ज किया जा चुका है।




