राजधानी जयपुर की दोनों नगर निगमों का कार्यकाल 9 नवंबर 2025 खत्म हो जाएगा। चुनाव होने तक निगमों की बागडोर अधिकारियों के हवाले रहेगी। सम्भावना है कि बागडोर संभालने की जिम्मेदारी संभागीय आयुक्त को दी जा सकती है। अधिकारिक आदेश आने वाले दिनों में जारी होने की संभावना है।
जब तक नई शहरी सरकार का गठन नहीं होगा तब तक जनहित के कार्य कुछ जटिल होने की संभावना है। क्योंकि जो कार्य पार्षदों के द्वारा होता था वो कार्य अब सांसद, विधायक या राजपत्रित अधिकारियों के माध्यम से हो पायेगा। ऐसे में सुलभ कार्य और सरल व्यवस्था के आमजन को चुनाव होने तक का इंतजार करना होगा।




