सरकार ने राज्य को निवेश का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए तीन महत्वपूर्ण नीतियों— एयरोस्पेस एवं डिफेंस नीति, सेमीकंडक्टर नीति और इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2024 को लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ली गई इस मंजूरी का उद्देश्य राज्य में उच्च तकनीक वाले उद्योगों को आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर बढ़ते कदम—
भारत सरकार के ‘सेमीकॉन इंडिया’ मिशन के साथ तालमेल बिठाते हुए राजस्थान ने अपनी विशिष्ट सेमीकंडक्टर नीति पेश की है। इस नीति के तहत चिप मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और असेंबली इकाइयों को भारी सब्सिडी, बिजली शुल्क में छूट और भूमि आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। जोधपुर और पाली जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से इस उद्योग के लिए विकसित करने की योजना है।
एयरोस्पेस और डिफेंस में आत्मनिर्भरता—
नई एयरोस्पेस और डिफेंस नीति के जरिए राजस्थान अब रक्षा उपकरणों के निर्माण और विमानन क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएगा। राज्य की भौगोलिक स्थिति और रणनीतिक महत्व को देखते हुए, एमआरओ सुविधाओं और रक्षा पुर्जों के निर्माण के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि तकनीकी कौशल विकास में भी तेजी आएगी।
इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2024—
औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लागू की गई नई पार्क प्रमोशन पॉलिसी निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करेगी। इसके तहत निजी डेवलपर्स को इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में छूट और कन्वर्जन चार्ज में रियायतें दी जाएंगी। इससे राज्य में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं वाले अत्याधुनिक औद्योगिक पार्कों का जाल बिछेगा।
इन नीतियों के लागू होने से राजस्थान अब गुजरात और महाराष्ट्र जैसे औद्योगिक राज्यों के समकक्ष खड़ा होने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दूरगामी नीतियों से आने वाले वर्षों में राजस्थान में अरबों रुपये का निवेश आएगा और लाखों युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में रोजगार मिलेगा।




