आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने व जहरीली शराब से बचाने हेतु तैयार किए गए सिटीजन एप के माध्यम से अब शराब की बोतल पर लगे होलोग्राम स्टीकर के क्यूआर कोड को स्कैन करते ही असली या नकली शराब होने की जानकारी मिलेगी।
अलवर जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन ने बताया कि अनाधिकृत तरीके से खरीदी गई शराब के खतरे को दृष्टिगत रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि यह एप गूगल प्ले स्टोर के जरिए मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हैं। इस एप के जरिए शराब की बोतल पर लगे होलोग्राम स्टीकर के क्यूआर कोड को स्कैन करने या क्यूआर नंबर दर्ज करने पर शराब के ब्रांड का पता चल जाएगा। साथ ही शराब की एमआरपी पैकिंग साइज, बैच नंबर, उत्पादन की तारीख व निर्माता का नाम भी पता चल जाएगा।




