प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने शादियों के आगामी सीजन और आमजन की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विवाह समारोहों के दौरान एलपीजी सिलेंडरों की कमी न हो, इसके लिए आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
विवाह समारोहों के लिए विशेष कोटा निर्धारित—
मंत्री ने निर्देश दिए कि विवाह समारोहों की आवश्यकता को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम दो और शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम एक साथ तीन वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। अक्सर बड़े आयोजनों में सिलेंडरों की किल्लत के कारण आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ता है या अवैध रिफिलिंग की घटनाएं बढ़ती हैं। इस निर्णय से आयोजकों को राहत मिलेगी और पारदर्शिता बनी रहेगी। उन्होंने तेल कंपनियों और जिला रसद अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर स्टॉक की नियमित निगरानी करने के आदेश दिए हैं।
पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार पर जोर—
बैठक के दौरान खाद्य मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क के विस्तार की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि पीएनजी न केवल सुरक्षित और किफायती है, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल भी है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए रिहायशी इलाकों और व्यावसायिक केंद्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के कार्य में तेजी लाई जाए और नए कनेक्शन देने में प्राथमिकता बरती जाए।
कालाबाजारी पर लगेगी लगाम—
मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विवाह स्थलों और कैटरिंग इकाइयों पर वाणिज्यिक सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाकर घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोका जा सकता है। उन्होंने प्रवर्तन टीमों को नियमित निरीक्षण करने और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इस पहल का उद्देश्य आम नागरिक को उत्सव के समय अनावश्यक भागदौड़ से बचाना और ऊर्जा के आधुनिक स्रोतों को हर घर तक पहुँचाना है।




