जयपुर विकास प्राधिकरण में नागरिकों की सुविधा और शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए शीघ्र ही ‘ई-जनसुनवाई’ प्रणाली लागू की जाएगी। यह जानकारी जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने पदभार ग्रहण के बाद दी। वर्तमान में, जविप्रा में शिकायत दर्ज कराने या समस्याओं के निवारण के लिए नागरिकों को व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक ही शिकायत के लिए कई बार आना-जाना, विभिन्न कर्मचारियों व अधिकारियों के चक्कर लगाना, समय और संसाधनों का अपव्यय जैसी चुनौतियाँ आम हैं। समस्याओं के समाधान के लिए प्राधिकरण द्वारा डिजिटल ‘ई-जनसुनवाई’ प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
श्री महाजन ने बताया कि इस प्रणाली के तहत नागरिक अपनी शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे और प्राप्त शिकायत को दर्ज किया जाकर उसे संबंधित जोन या प्रकोष्ठ को भेजा जायेगा, जहॉ पर शिकायत का परीक्षण किया जायेगा। वहीं जोन अथवा प्रकोष्ठ के स्तर पर आवश्यक कार्यवाही के उपरांत, प्रार्थी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुना जायेगा। उन्होने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एक ओर प्रार्थी होगा और दूसरी ओर जेडीए के उच्चाधिकारियों की टीम होगी, जो प्रार्थी की समस्या सुनकर, उनकी समस्या का यथोचित समाधान करेगी। वहीं इस संपूर्ण कार्यवाही की रिकॉडिंग करवाई जायेगा। यदि कार्य निस्तारण में कोई बाधा आती है, तो उसकी जानकारी भी प्रार्थी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ही दी जाएगी, ताकि नागरिक को बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता न पड़े। आयुक्त ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत लंबित पड़े पुराने प्रकरणों का निस्तारण भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
श्री महाजन ने बताया कि इस डिजीटल पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन की परेशानी कम करना, प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। ‘ई-जनसुनवाई’ प्रणाली नागरिकों और जेडीए, दोनों के समय व संसाधनों के दक्ष उपयोग में सहायक होगी। उन्होने बताया कि इस नई व्यवस्था से जेडीए की सेवाओं में डिजिटल सुधार की एक नई शुरुआत होगी और नागरिकों को त्वरित व प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली उपलब्ध हो सकेगी।




