राजस्थान में रोड किनारे प्लॉट खरीदने और निर्माण करने को लेकर प्रदेश सरकार और उच्च न्यायालय ने वर्ष 2026 में बेहद सख्त रुख अपनाया है। हाईवे पर बढ़ते हादसों और अतिक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने निर्माण की दूरियों को लेकर नए दिशा-निर्देश और चेतावनी जारी की है। यदि आप भी हाईवे या ग्रामीण सड़कों के किनारे जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन नियमों को अनदेखा करना आपके निवेश को भारी नुकसान पहुँचा सकता है।
हाईवे और सड़कों से सुरक्षित दूरी के नए मानक—
राजस्थान सरकार और सार्वजनिक निर्माण विभाग के ताजा निर्देशों के अनुसार, सड़क के प्रकार के आधार पर निर्माण की न्यूनतम दूरी तय की गई है:
नेशनल हाईवे: राष्ट्रीय राजमार्ग के केंद्र से दोनों तरफ 75 मीटर (लगभग 246 फीट) के दायरे में किसी भी प्रकार का आवासीय या व्यावसायिक निर्माण अवैध माना जाएगा। हाल ही में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इस दायरे में आने वाले होटल, ढाबे और दुकानों को हटाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
स्टेट हाईवे: राज्य राजमार्गों के लिए भी सड़क के मध्य से 40 मीटर से लेकर 75 मीटर तक की दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। व्यावसायिक भवनों के लिए यह नियम और भी कड़ा है।
ग्रामीण सड़कें: ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क के केंद्र से लगभग 15.5 मीटर (50 फीट) की दूरी छोड़कर ही निर्माण की सलाह दी जाती है। इससे कम दूरी पर किया गया निर्माण भविष्य में सड़क चौड़ीकरण के समय बिना मुआवजे के ढहाया जा सकता है।
प्लॉट खरीदते समय रखें ये सावधानियां—
ग्रीन बफर ज़ोन की जांच: मास्टर प्लान के तहत हाईवे के किनारे अक्सर ‘ग्रीन बफर ज़ोन’ छोड़ा जाता है। यहाँ हरियाली के अलावा किसी भी पक्के निर्माण की अनुमति नहीं होती।
NHAI की एनओसी: हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप, होटल या कोई भी व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने के लिए अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मंजूरी लेना अनिवार्य है।
मास्टर प्लान और ज़ोनिंग: जमीन खरीदने से पहले शहर का मास्टर डेवलपमेंट प्लान-2025/2026 जरूर देखें। यह सुनिश्चित करें कि आपका प्लॉट ‘येलो ज़ोन’ (आवासीय) या ‘कमर्शियल ज़ोन’ में आता है या नहीं।
शपथ पत्र और मुआवजा: कुछ मामलों में सड़क सीमा से 5-7.5 मीटर के बीच निर्माण के लिए NHAI को यह शपथ पत्र देना होता है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर आप बिना मुआवजे के निर्माण हटाने को तैयार हैं।
अवैध निर्माण पर सरकार का ‘पीला पंजा’—
फरवरी 2026 में जारी रिपोर्टों के अनुसार, राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के हाईवे किनारे बसे 2200 से अधिक अवैध निर्माणों को चिह्नित किया है। उच्च न्यायालय के सख्त निर्देश हैं कि सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए इन अतिक्रमणों को तुरंत हटाया जाए। सस्ता प्लॉट देखकर हाईवे के बिल्कुल पास जमीन न खरीदें। भविष्य की सुरक्षा के लिए हमेशा सड़क के केंद्र से निर्धारित दूरी (75 मीटर) का पालन करें और स्थानीय विकास प्राधिकरण से नक्शा व ज़ोनिंग की पुष्टि अवश्य करें।




