राजस्थान जल्द ही सीधे अरब सागर से जुड़ेगा। इससे व्यापार में सुगमता आयेगी और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। जानकारी के अनुसार जालोर से कच्छ की खाड़ी होते हुये सीधे अरब सागर से जोड़ने की योजना है। वहीं जालोर में जलमार्ग इनलैंड पोर्ट (इनलैंड पोर्ट ) बनाया जाएगा। कई सालों से चल रही कवायद अब जल्द ही पूरी होने वाली है। इसके लिये करीब 262 किलोमीटर लंबा जलमार्ग बनाया जाएगा जो कांडला पोर्ट से जालोर तक होगा। इस मार्ग में 10 हजार करोड़ रुपए के आस—पास ड्रेजिंग खर्चा आने की संभावना है।
इस परियोजना पर गहन अध्यन किया जा रहा जो समाप्ती की ओर है। अध्यन पूरा होने पर ही परियोजना विस्तृत खाका साफ होगा। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के अनुसार मुंबई में राजस्थान रिवर बेसिन और जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण व भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के बीच एमओयू हो चुका है। उन्होने कहा कि जवाई-लूनी-रन ऑफ कच्छ नदी प्रणाली को राष्ट्रीय जलमार्ग-48 घोषित होने के बाद जालोर में इनलैंड पोर्ट विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं इस जलमार्ग की चौड़ाई 45 मीटर और गहराई 8 मीटर बताई जा रही है और इस में राजस्थान का करीब 14 किमी हिस्सा आने की संभावना है।
श्री रावत ने कहा है कि एमओयू हो चुका है और डीपीआर फाइनल स्टेज पर है। जालोर जलमार्ग से कच्छ से जुड़ेगा। यहां इनलैंड पोर्ट बनेगा और मालवाहक जहाज चलेंगे। लॉजिस्टिक पावर कॉरिडोर बनेगा।




