School Crime News: 50 छात्राओं से शिक्षक करता था घिनौनी करतूत, स्कूल प्रशासन को भनक तक नहीं

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प्रदेश में लगता है स्कूलों में भी बेटियां सुरक्षित नहीं है। सरकार भले हीं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देती हो लेकिन यहां भी बेटियां सुरक्षित नजर नहीं आ रही है। प्रदेश के दो स्कूलों में ऐसी शर्मशार घटनाएं संज्ञान में आई है। जिससे अभिभावक अपनी बेटिंयों की सुरक्षा को लेकर सहम से गये है।
दौसा और चित्तौड़गढ़ जिलों में सरकारी स्कूल के शिक्षकों द्वारा घिनौनी करतूत से शिक्षा मंत्री की कार्यप्रणली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं उपखंड के एक गांव में सरकारी स्कूल के शिक्षक शिक्षक दो साल से छात्राओं को अश्लील मैसेज कर शोषण कर रहा था। लेकिन प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामले का खुलासा जब हुआ तब एक छात्रा ने छुपकर शिक्षक का वीडियो बना कर परिजनों को दिखाया। वहीं आरोपी आरोपी शिक्षक पर स्कूल की 50 से अधिक छात्राओं का शोषण का आरोप है। बताया गया है कि शिक्षक नाबालिग छात्राओं को फुसलाकर शोषण करता था। हलांकि पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है और विभाग ने आरोपी शिक्षक शंभू लाल को निलंबित कर दिया।
दूसरी ओर दौसा जिले में भी एक सरकारी स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक द्वारा एक वर्ष से छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने की बात संज्ञान में आई है। संचार माध्यमों के अनुसार आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा से कार्यवाहक प्रधानाध्यापक राजेंद्रसिंह गुर्जर एक वर्ष से अश्लील हरकतें करता था। छात्रा की सजगता के चलते शिक्षक गुर्जर का भांडा फूट गया। छात्राओं द्वारा घटना के सत्यापन के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंचे बसवा थाना प्रभारी सचिन शर्मा ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया और कार्यवाहक प्रधानाध्यापक को थाने ले आए।
थाना प्रभारी श्री शर्मा ने बताया कि छात्रा के ताऊजी ने राजेंद्रसिंह गुर्जर पर मामला दर्ज कराया है। उन्होने बताया कि छात्रा शुक्रवार सुबह 7 बजे विद्यालय में पढऩे गई थी। जिस पर अध्यापक ने उसके साथ अश्लील हरकत व छेड़छाड़ की। एक वर्ष पूर्व भी अध्यापक ने छेड़छाड़ की थी। लेकिन गांव के लोगों द्वारा समझाइश पर शिकायत दर्ज नहीं कराई। वहीं छात्रा के ताऊजी ने रिपोर्ट में विद्यालय की एक शिक्षिका पर भी आरोपी का सहयोग करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है। इस दौरान शिक्षा विभाग की उदासीनता देखने को आई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी व कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। मामले की गम्भीरता को देखते हुए वहां मौजूद थानाधिकारी ने लोगों को समझा कर मामले को शांत कराया।

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