Rajasthan News: झालावाड़ पुलिस का बड़ा एक्शन, 32 साइबर ठगों की संपत्ति होगी कुर्क

0
3

राजस्थान के झालावाड़ जिले में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ के तहत पुलिस ने एक और बड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित 32 मुख्य आरोपियों की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति को कुर्क करने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

क्या है पूरा मामला?

यह गिरोह केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (जैसे पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य आर्थिक सहायता योजनाएं) के डिजिटल पोर्टल्स में सेंधमारी करता था। तकनीकी हेरफेर के जरिए ठगों ने अपात्र व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की राशि अपने और अपने सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर करवा ली।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई और एसओजी को जांच—

झालावाड़ पुलिस ने 23 अक्टूबर 2024 को इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। राजस्थान पुलिस के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, इस मामले में अब तक 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 48 आरोपियों के खिलाफ पहले ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मामले की गंभीरता और इसकी जड़ों के अन्य राज्यों तक फैले होने की आशंका को देखते हुए, अब इसकी अग्रिम जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को सौंप दी गई है।

संपत्ति कुर्की के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी—

अनुसंधान अधिकारी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), झालावाड़ के समक्ष 32 आरोपियों की चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने के लिए आवेदन किया है। पुलिस का मानना है कि इन ठगों ने सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर जो संपत्ति अर्जित की है, उसे कुर्क करना न्याय के लिए आवश्यक है।

इन प्रमुख आरोपियों की संपत्ति पर होगी कार्रवाई:—

कुर्की की सूची में दौसा निवासी मुख्य आरोपी विक्रम सैनी, रामावतार सैनी, भागचंद सैनी और झालावाड़ के राजूलाल तंवर, बनवारीलाल, शिवनारायण, महेंद्र तंवर सहित कुल 32 नाम शामिल हैं। इसमें बिहारीलाल रैदास, सुजान सिंह लोधा और ललित मीणा जैसे नाम भी प्रमुख हैं जिन्होंने इस संगठित अपराध के जरिए भारी धन शोधन किया।

प्रशासन का कड़ा संदेश—

झालावाड़ पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि तकनीक का दुरुपयोग कर जनता के हक के पैसे पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। संपत्ति कुर्की की यह कार्रवाई भविष्य में साइबर ठगी करने वालों के लिए एक कड़ा सबक साबित होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here