Rajasthan News: माइंस विभाग का बड़ा लक्ष्य: इस साल 10 हजार करोड़ के पार होगा राजस्व संग्रहण

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राजस्थान का खान विभाग चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। विभाग ने इस वर्ष 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। खान विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने गुरुवार को उदयपुर स्थित खनिज भवन में वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए स्पष्ट किया कि विभाग अपनी पुरानी उपलब्धियों को पीछे छोड़ते हुए नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

पिछले रिकॉर्ड टूटे, 11% की विकास दर दर्ज—

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने बताया कि विभाग ने गत वित्तीय वर्ष के लगभग 9200 करोड़ रुपये के आंकड़े को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। वर्तमान में विभाग 9426 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहित कर चुका है, जो पिछले वर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में लगभग 1000 करोड़ रुपये अधिक है। यह 11 प्रतिशत की प्रभावशाली विकास दर को दर्शाता है। श्री रविकान्त ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष के अंतिम पखवाड़े में राजस्व वसूली की गति को और तेज किया जाए ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय रहते प्राप्त किया जा सके।

राजस्व वसूली के लिए ‘एक्शन प्लान’ तैयार—

राज्य सरकार का पूरा फोकस इस समय अधिकतम राजस्व संग्रहण पर है। इसके लिए विभाग ने एक विशेष रणनीति तैयार कर सभी फील्ड अधिकारियों को भेज दी है। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं:

ऑक्शन ब्लॉक्स का भुगतान: प्रधान और अप्रधान खनिजों के ऑक्शन ब्लॉक्स की अपफ्रंट पेमेंट राशि की तत्काल वसूली। प्रीमियम और बकाया रॉयल्टी: ऑक्शन किए गए खनिज ब्लॉक्स की प्रीमियम राशि और लंबे समय से लंबित रॉयल्टी का संग्रहण।

एमनेस्टी स्कीम: ‘एकमुश्त समझौता योजना’ का लाभ दिलाकर पुरानी बकाया राशि का निपटारा।

अवैध खनन पर सख्ती: अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के तहत आरोपित जुर्माना राशि की शत-प्रतिशत वसूली।

तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता पर जोर—

राजस्व वृद्धि के साथ-साथ विभाग कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी बल दे रहा है। बैठक में श्री रविकान्त ने तुलाई कांटों के ऑटोमाइजेशन और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय मॉड्यूल्स का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि खनिजों के परिवहन में होने वाली लीकेज को रोका जा सके और वास्तविक समय पर डेटा की निगरानी की जा सके।

बैठक के अंत में उन्होंने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि फील्ड स्तर पर मुस्तैदी दिखाकर न केवल वित्तीय लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में माइंस विभाग के योगदान को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

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