राजस्थान की डूंगरपुर जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर हंट’ के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिले की साइबर सेल और दोवड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देशभर में एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया गया है।
27 मोबाइल और 38 फर्जी सिम बरामद—
पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 27 मोबाइल फोन और 38 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्होंने विभिन्न वेबसाइटों पर आकर्षक प्रोफाइल बनाकर एस्कॉर्ट सर्विस देने का झांसा दिया और देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठी।
नाबालिगों को बना रहे थे अपराधी—
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरोह के सदस्य अपने ही घर के नाबालिग लड़कों को इस दलदल में धकेल रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अपने परिवार के किशोरों को विलासिता पूर्ण जीवन और मौज-मस्ती का लालच देकर साइबर फ्रॉड की ट्रेनिंग देते थे और उनसे ठगी करवाते थे।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम—
आरोपी गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन और वेबसाइट चलाते थे। जब कोई व्यक्ति उनसे संपर्क करता, तो वे रजिस्ट्रेशन, मेडिकल और अन्य शुल्कों के नाम पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाते थे। एक बार पैसा मिलने के बाद आरोपी नंबर ब्लॉक कर देते थे।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है। जिला पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।




