चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और ‘पेशेंट फ्रेंडली’ बनाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही या असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संवेदनशीलता और सेवाभाव पर जोर—
श्रीमती राठौड़ ने अस्पतालों के अधीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि बड़े अस्पतालों में मरीजों का भार अधिक होना स्वाभाविक है, लेकिन यह किसी भी तरह से खराब व्यवहार का बहाना नहीं हो सकता। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा अधिकारी पूरी निष्ठा और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। यदि स्वास्थ्य सेवाओं या मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर कोई शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
SMS अस्पताल की प्रतिष्ठा बनाए रखने की चुनौती—
प्रमुख शासन सचिव ने सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन संस्थानों की अपनी एक विशिष्ट पहचान और प्रतिष्ठा है। प्रदेशभर से रोगी यहां के उपचार की गुणवत्ता पर भरोसा करके आते हैं। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से आह्वान किया कि वे ‘प्रो-एक्टिव’ रहकर कार्य करें ताकि अस्पताल की यह सकारात्मक छवि धूमिल न हो।
गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण—
बैठक में अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की गई। श्रीमती राठौड़ ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य रोगियों को बिना किसी परेशानी के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने सभी अधीक्षकों को अपने-अपने स्तर पर मॉनिटरिंग बढ़ाने और व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी और संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षक उपस्थित रहे।




