राजस्थान सरकार प्रदेश में स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (माइंस एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोरा ने राज्य की सभी 13 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं को घरेलू पाइपलाइन गैस कनेक्शन (PNG) के काम में अभूतपूर्व तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
3 महीने का लक्ष्य: 1.25 लाख से 5 लाख तक का सफर—
श्रीमती अरोरा ने हाल ही में आयोजित एक समीक्षा बैठक में लक्ष्य निर्धारित किया कि वर्तमान में जारी 1 लाख 25 हजार घरेलू कनेक्शनों की संख्या को आगामी तीन माह के भीतर बढ़ाकर 5 लाख तक पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को सस्ती और सुरक्षित गैस उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए कार्यक्षमता में तत्काल विस्तार की आवश्यकता है।
प्रतिदिन कनेक्शन की क्षमता में 4 गुना बढ़ोतरी—
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, सीजीडी संस्थाएं प्रतिदिन औसतन 50 कनेक्शन जारी कर रही हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस गति पर असंतोष जताते हुए इसे 3 से 4 गुना बढ़ाने पर जोर दिया है। अब संस्थाओं को प्रतिदिन 200 कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि निर्धारित समय सीमा में 5 लाख का आंकड़ा छुआ जा सके।
औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों पर भी फोकस—
बैठक में केवल घरेलू ही नहीं, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस (DPNG) सेवाओं से जोड़ने पर चर्चा हुई। श्रीमती अरोरा ने संस्थाओं को एक ठोस रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रदूषण मुक्त ईंधन का लाभ प्रदेश के उद्योगों और होटलों जैसे व्यावसायिक केंद्रों को भी मिल सके।
इस कदम से राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत कम होगी और सिलेंडर रिफिल कराने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। सरकार की इस सख्ती और स्पष्ट रणनीति से प्रदेश के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सुरक्षा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।




