Elections 2026: देश में अप्रैल महीने चार राजनैतिक कवायद को लेकर चर्चा, अटकलें -कयासों का बाजार गर्म

0
5
AI Photo

बिहार में नीतीश कुमार की जगह भाजपा का अगला मुख्यमंत्री कब-कौन ! बंगाल में ममता बनर्जी का राजनैतिक किला भाजपा ढ़हा देंगे – की नहीं- भवानीपुर में भाजपा उम्मीदवार सुबोधु अधिकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हरा पायेंगे कि नही!! देश अकेले बचे वामपंथी सत्तारूढ़ प्रदेश केरल मे कांग्रेस आयेगी की नहीं! बंगाल में अमित शाह और केरल में कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल की प्रतिष्ठा दांव पर!!
नितीश कुमार के 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद की शपथ ग्रहण करेंगे, 11 अप्रैल को नितिश कुमार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे, 12 अप्रैल को नितिश कुमार दिल्ली से पटना लौट कर मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देंगे।16 से20 अप्रैल तक पटना में बिहार एनडीए गठबंधन दलों के विधायको की बैठक में मुख्यमंत्री पद पर नेता का चयन , फिर भाजपा मुख्यमंत्री का शपथग्रहण समारोह आयोजित होने की राजनैतिक गलियारों में सुगबुगाहट हैं। चर्चा में भाजपा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार। वहीं भाजपा राजनैतिक गलियारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री, बिहार एमएलसी विधायक संघनिष्ठ संजय पासवान के यूवा सुपुत्र भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान के नाम की खुसर-पुसर भी है। बिहार भाजपा में दलित समुदाय में प्रमुख संघनिष्ठ परिवार के अम्बेडकर विचार धारा के हिन्दू वादी यूवा नेता गुरु प्रकाश पासवान पटना विश्वविद्यालय में विधि विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं। आपकों याद हैं कि नहीं? लोकसभा चुनाव 2014 में बिहार में जदयू के खराब नतीजे – प्रदर्शन पद नितिश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर जदयू के दलित समुदाय नेता विधायक जीतन राम मांझी को म ई 2014 में मुख्यमंत्री बनाया था। बिहार राजनैतिक गलियारों की एकबात और कांग्रेस के 6 में 4 विधायक के पाला बदल कर भाजपा में जाने, एक दो राजद विधायको के जदयू का दामन थामने की सुगबुगाहट हैं। गुजरे महीनों में बिहार कांग्रेस के तीन विधायकों ने पार्टी बैठको से किनारा कर सार्वजनिक रूप से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पटना ओर दिल्ली कार्यक्रम में शामिल हुए थे।पिछले महीने बिहार राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन ओर राजद का एक विधायक ने मतदान में भाग नहीं लेकर मतदान नहीं किया था। अगर यह सच हुआ तो बिहार में भाजपा बहुमत के नजदीक तथा जदयू एवं इंडिया गठबंधन दल मिल कर भी एनडीए गठबंधन विधायको की संख्या से बिहार में आगे नहीं निकल रह पायेगी।

✍️ भूपेन्द्र ओझा वरिष्ठ पत्रकार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here