मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शहर में ट्रैफिक के रियल टाइम मैनेजमेंट के लिए एक नया इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर स्थापित किया जाए, ताकि जाम की स्थिति पर सीधी नजर रखी जा सके और तत्काल समाधान हो।
निर्माण कार्यों में गति और गुणवत्ता पर जोर—
मुख्यमंत्री ने शहर में चल रहे विभिन्न आरओबी (ROB) और एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रगतिरत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। साथ ही चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों के विरुद्ध ठोस कार्यवाही अमल में लाई जाए। कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ट्रैफिक सुधार के लिए ‘फ्री लेफ्ट’ और ‘डबल यू-टर्न’—
शहर के प्रमुख मार्गों को जाम मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने डबल यू-टर्न और फ्री लेफ्ट टर्न की कार्ययोजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बनी अनियमित मीडियन ओपनिंग दुर्घटनाओं और जाम का मुख्य कारण हैं, जिन्हें जल्द से जल्द बंद किया जाए।
जेएलएन मार्ग पर विशेष फोकस—
शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले जेएलएन मार्ग पर यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए सीएम ने इसके लिए एक ‘इफेक्टिव ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान’ बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, पार्किंग की समस्या को हल करने के लिए पार्किंग स्थलों का संचालन व्यवस्थित और नियमानुसार सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि सड़कों पर अवैध पार्किंग से यातायात बाधित न हो।
मुख्यमंत्री के इन निर्देशों का उद्देश्य जयपुर को एक आधुनिक, सुरक्षित और सुगम यातायात वाला शहर बनाना है।




