प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ को लेकर मिशन मोड में काम कर रही है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के दौरान प्रदेश के 30 हजार युवाओं को लाभान्वित करने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने जून माह तक ही 60 हजार आवेदन बैंकों को भेजने का टारगेट तय किया है।
दोगुने आवेदन भेजने के निर्देश—
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित लक्ष्य से कम से कम दोगुने आवेदन बैंकों को अग्रेषित करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दस्तावेजों की कमी या तकनीकी कारणों से कुछ आवेदन निरस्त होने के बावजूद, मुख्य लक्ष्य (30 हजार लाभार्थी) को समय रहते प्राप्त किया जा सके।
योजना को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अब तक विभाग के पास 3,580 करोड़ रुपये की ऋण राशि के लिए 73 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से विभागीय स्तर पर छंटनी के बाद 31 हजार से अधिक आवेदनों को ऋण स्वीकृति के लिए विभिन्न बैंकों को भेजा जा चुका है। सरकार का प्रयास है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता रहे और पात्र युवाओं को बिना किसी देरी के पूंजी उपलब्ध हो सके।
ब्याज मुक्त ऋण और मार्जिन मनी का लाभ—
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता वित्तीय सहायता का ढांचा है। योजना के अंतर्गत अपना स्वयं का उद्योग या सेवा क्षेत्र में काम शुरू करने के लिए युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, आर्थिक रूप से सहयोग देने के लिए 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी का भी प्रावधान है, जो नए उद्यमियों के लिए शुरुआती पूंजी की बाधा को दूर करता है।
यह योजना न केवल बेरोजगारी दर को कम करने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए स्टार्टअप्स के जरिए स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।




