गुलाबी नगरी के निवासियों के लिए शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मसालों का पसंदीदा केंद्र ‘राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026’ शुक्रवार से शुरू हो गया। जवाहर कला केन्द्र में आयोजित इस मेले का विधिवत शुभारम्भ प्रदेश के सहकारिता मंत्री द्वारा किया गया। यह आयोजन 26 अप्रैल तक चलेगा, जहाँ शहरवासी सुबह से रात तक खरीदारी का आनंद ले सकेंगे।
150 स्टॉल्स पर उपलब्ध है देश-प्रदेश की विविधता—
इस वर्ष मेले में लगभग 150 स्टॉल्स लगाई गई हैं। सहकारिता मंत्री और शासन सचिव ने विभिन्न स्टॉल्स का बारीकी से अवलोकन किया और सहकारी समितियों द्वारा प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी ली। मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों की सहकारी समितियों ने भी अपने विशेष उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। यहाँ खड़े मसालों से लेकर पिसे हुए मसाले, अचार, मुरब्बे और कई अन्य खाद्य उत्पाद एक ही छत के नीचे उचित मूल्य पर उपलब्ध हैं।
उपभोक्ताओं का भरोसा और परंपरा—
सहकारिता विभाग और राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफेड) द्वारा वर्ष 2003 से निरंतर इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। अपनी शुद्धता और सही दाम के कारण यह मेला जयपुरवासियों के बीच खासा लोकप्रिय है। मंत्री ने बताया कि उपभोक्ताओं को मिलावट रहित वस्तुएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जयपुर की तर्ज पर अब जिला स्तर पर भी इन सहकार मेलों का आयोजन किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।
प्रमुख आकर्षण—
मेले में इस बार तकनीकी नवाचारों और बेहतर पैकेजिंग वाले उत्पादों पर जोर दिया गया है। 17 से 26 अप्रैल तक चलने वाले इस उत्सव में न केवल व्यापार, बल्कि सहकारिता की भावना को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। यदि आप भी रसोई के लिए शुद्ध मसालों की तलाश में हैं, तो जवाहर कला केन्द्र में चल रहा यह मेला आपके लिए बेहतरीन विकल्प है।




