अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ रही भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य दर्शन प्रक्रिया को सुगम, पारदर्शी और ‘वीआईपी कल्चर’ से मुक्त बनाना है, ताकि हर श्रद्धालु को समान अवसर मिल सके।
वीआईपी श्रेणी समाप्त—
ट्रस्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल से ‘विशिष्ट दर्शन’ (Special Darshan) की श्रेणी को पूरी तरह हटा दिया है। अब मंदिर में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति या विशेष पास के माध्यम से अलग से दर्शन की सुविधा नहीं मिलेगी। ट्रस्ट का मानना है कि भगवान के दरबार में सभी भक्त समान हैं, इसलिए सामान्य श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।
अब केवल दो विकल्प उपलब्ध—
आधिकारिक वेबसाइट पर अब श्रद्धालुओं को बुकिंग के लिए केवल दो ही मुख्य विकल्प दिखाई देंगे:
आरती पास: श्रद्धालु मंगला, भोग या संध्या आरती में शामिल होने के लिए पहले की तरह ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकेंगे।
सुगम दर्शन: यह विकल्प उन लोगों के लिए है जो एक निश्चित समय (Time Slot) पर कतार में लगकर व्यवस्थित तरीके से दर्शन करना चाहते हैं।
दर्शन का नया समय और नियम—
भीड़ प्रबंधन के लिए दर्शन की अवधि को भी बढ़ाया गया है। अब भक्त सुबह 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक निरंतर रामलला के दर्शन कर सकते हैं। वही, प्रवेश द्वार पर क्यूआर कोड आधारित स्कैनिंग अनिवार्य कर दी गई है ताकि फर्जी पास पर रोक लग सके। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर और अलग कतार की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। ट्रस्ट के इन बदलावों से न केवल आम भक्तों का प्रतीक्षा समय कम होगा, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में भी पुलिस और प्रशासन को आसानी होगी।




