राजस्थान सरकार प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE), विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों की पालना में राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) ने ‘राजस्थान ऊर्जा संरक्षण और टिकाऊ भवन संहिता (RECSBC)’ व इसके नियमों का प्रारूप (राजस्थान ऊर्जा संरक्षण और टिकाऊ भवन संहिता नियम, 2026) जारी कर दिया है।
यह नई संहिता वर्तमान में लागू ‘राजस्थान ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (RECBC)’ का स्थान लेगी। इसका मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक भवनों में ऊर्जा की खपत को कम करना और निर्माण क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी (सतत विकास) के न्यूनतम मानकों को अनिवार्य रूप से लागू करना है। विभिन्न सरकारी विभागों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद तैयार किए गए इस प्रारूप के माध्यम से भविष्य के भवनों को अधिक ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल
बनाने का लक्ष्य रखा गया है।31 मई तक मांगे गए सुझाव—
RRECL ने पारदर्शिता और समावेशी विकास की नीति अपनाते हुए इस नई संहिता पर आम जनता और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। भवन निर्माण विशेषज्ञ, डेवलपर्स, तकनीकी सलाहकार और आम नागरिक इस प्रारूप का अध्ययन कर अपनी राय दे सकते हैं। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है।
वेबसाइट पर उपलब्ध है दस्तावेज—
हितधारकों की सुविधा के लिए RECSBC और संबंधित नियमों का संपूर्ण दस्तावेज राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई संहिता के लागू होने से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी, जो राजस्थान के हरित भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।




