Astonishing News: पैसे के अभाव में 250 किलोमीटर का हैरतअंगेज़ सफर

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जबलपुर के रेलवे प्लेटफॉर्म पर एक हैरतअंगेज़ मामला देखने को मिला। मामला दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन के S-4 बोगी का है। एक व्यक्ति ने टिकट के पैसे नहीं होने के कारण ट्रेन की बोगी के नीचे पहिये के पास बैठ कर 250 किलोमीटर का हैरतअंगेज़ सफर तय किया। मामले का खुलासा जब हुआ तब जबलपुर में प्लेटफॉर्म पर ट्रेन की रोलिंग परीक्षण करने के लिये रेलवे कर्मचारियों द्वारा S-4 बोगी के नीचे ट्राली पर एक व्यक्ति लेटा हुआ देखा। कर्मचारियों ने उस व्यक्ति को वहां से निकाला और पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया ​की उसके पास टिकट के लिए पैसा नही था। इस कारण उसने सफर के लिए यह हैरतअंगेज़ रास्ता चुना।    

Deep Fake News:डीप फेक से सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने जारी की एडवाइजरी

डीप फेक एवं आर्टि​फिसियल इंटेलीजेंस का दुरूपयोग कर सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने की बढ़ती हुई घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। इससे आमजन में साइबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। एजवाइजरी के माध्यम से व्यक्तियों और संगठनों को डीपफेक के संभावित खतरों को पहचानने और उनसे बचाव के लिए सुझाव दिये गए हैं।

क्या है डीपफेक तकनीक—

डीपफेक एक तकनीक है जिसमें एआई का उपयोग कर यथार्थ और विश्वसनीय लगने वाले नकली वीडियो, चित्र और ऑडियो बनाए जाते हैं। इसके माध्यम से गलत सूचनाएं फैलाने, साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय ठगी करने का काम किया जाता है। इसका उपयोग किसी भी व्यक्ति या संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए भी किया जा सकता है। घोटालेबाजों द्वारा डीपफेक तकनीक का उपयोग कर परिवार के सदस्यों या परिचितों का प्रतिरूपण कर धन हस्तांतरण या संवेदनशील वित्तीय जानकारी जुटा कर उसका दुरूपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा डीपफेक के माध्यम से सार्वजनिक हस्तियों या घटनाओं का नकली वीडियो बनाकर आमजन को भ्रमित किये जाने का जोखिम भी है।

कैसे बचें डीपफेक से—

डीपफेक से बचने के लिए उसे पहचानना जरूरी है। असामान्य भावभंगिमाएं, सिंथेटिक रूप रंग, रोबोट जैसी आवाज एवं असंगत प्रकाश व्यवस्था जैसे संकेतों से डीपफेक की पहचान की जा सकती है। डीपफेक से बचाव के लिए जरूरी है कि बिना विश्वसनीय स्रोत के किसी भी डिजिटल सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा नहीं करना चाहिये। किसी भी सूचना की वास्तविकता का आकलन करके ही शेयर करें। इसके अतिरिक्त अनचाहे संदेश या अनुरोध प्राप्त होने पर उसे बिना सत्यापित करे कोई कार्यवाही न करें। साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह भी जरूरी है कि व्यक्ति ऑनलाइन साझा किये जाने वाली सूचनाओं खासकर व्यक्तिगत सूचनाओं की मात्रा को सीमित करें। खास तौर पर हाई रेजोल्यूशन वाली तस्वीरें और वीडियो क्योंकि इनका दुरूपयोग डीपफेक बनाने के लिए आसानी से किया जा सकता है। सोशल मीडिया यूजर्स को सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर गोपनीयता की सेटिंग का उपयोग कर लोगों की पहुंच नियंत्रित करनी चाहिये। साथ ही अपने खातों को हैकिंग प्रयासों से रोकने के लिए मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करना चाहिये।

संगठन ऐसे पा सकते हैं डीपफेक से सुरक्षा—

राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में संगठनों के लिए भी रणनीतियाँ जारी की गई हैं। इसमें ऑनलाइन फोटो, वीडियो अथवा डॉक्यूमेंट जारी करते समय डिजिटल वाटरमार्क का उपयोग करना, डिजिटल संचार के लिए कड़े सत्यापन, प्रोटोकॉल स्थापित करना और संवेदनशील लेन देन के लिए मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन व कॉल बैक जैसी प्रक्रियाएं अपनाने के दिशा-निर्देश दिये गए हैं। इसके अतिरिक्त डीपफेक सामग्री की पहचान के लिए उन्नत पहचान उपकरण काम में लेने और उनके नियमित अपडेशन का सुझाव दिया गया है। संगठन अपनी डिजीटल फोरेंसिक क्षमताओं को बढ़ाकर व संगठन को प्रभावित कर सकने वाली संभावित डीपफेक सामग्री के लिए सोशल मीडिया और सार्वजनिक चैनलों की सक्रिय रूप से निगरानी कर डीपफेक के संभावित खतरे को कम कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त संगठनों को एन्क्रिप्टेड संचार का उपयोग करने और डीपफेक घटनाओं का जवाब देने के लिए संकट प्रबंधन योजना विकसित करने के लिए जागरूक करने का सुझाव दिया गया है।

Road News: सड़क खराब मिली तो निरीक्षणकर्त्ता की जिम्मेदारी होगी तय —उपमुख्यमंत्री

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उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को विशेष अभियान चला कर दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत, अतिक्रमण हटाने, स्पीड ब्रेकर ठीक करवाने, जेबरा क्रोसिंग, साईनेंज सहित अन्य आवश्यक सुविधायें विकसित करने के निर्देश दिए है। उपमुख्यमंत्री गुरुवार को निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रही थी। उपमुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को नियमित फिल्ड विजिट कर सड़कों की गुणवत्ता जांच करने के निर्देंश दिए है। उन्होनें निर्देश दिए है कि अधिकारी जिन सड़कों का निरीक्षण करेंगे उसकी रिर्पोट हर सात दिन में प्रस्तुत करेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निरीक्षण की गई सड़कों की गुणवत्ता खराब मिलेगी तो निरीक्षण करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होने कहा है कि कार्बन फुट प्रिंट कम करने के लिए सड़क निर्माण में पर्यावरण हितैषी सामग्री का इस्तेमाल करें। उन्होनें बायो बिटूमिन का प्रयोग कर एक सड़क पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क पर दृश्यता बढ़ाने के उद्देश्य से सड़क के शोल्डर्स की जंगल क्लियरेंस के कार्य, ⁠सड़क भूमि पर अतिक्रमण हटाने हेतु जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्यवाही, ⁠अनाधिकृत मीडियन कट को बंद किया जाना, रोड साइनेज व लेन मार्किंग के कार्य को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करना, जंक्शन्स पर कैट्स ऑय लगाने व रम्बल स्ट्रिप्स के कार्य, ⁠घुमंतू जानवरों की रोकथाम हेतु स्थानीय निकाय से समन्वय कर सड़को से दूर करना तथा एनजीओ अथवा रक्षा मित्र के साथ मिलकर कालर रिफ्लेक्टर लगाने सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य किए जायेगें। इसके साथ ही सड़क मिडियन पर लगे पेड़ों की ऊँचाई एक निश्चित हाईट के बाद छंटाई करवाने के कार्य भी किए जायेगें। उन्होने नोन पेचेबल, पेचेबल सड़को, बजट घोषणाओं कि क्रियान्विति सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान राज्य मंत्री डॉ. मजू बाघमार, प्रमुख शासन सचिव प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव डी आर मेघवाल, मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव टी सी गुप्ता सहित सभी मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं वीसी के माध्यम से सभी अधीक्षण अभियंता उपस्थित रहे।

C M NEWS: कारिंदों के साथ मुख्यमंत्री ने की सड़क सुरक्षा की समीक्षा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें सरकार, प्रशासन और जनता सभी का योगदान आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए मिशन मोड पर काम करें। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर इनका शीघ्र सुधार किया जाए और प्रदेशभर में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। श्री शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर सड़क सुरक्षा की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री के समस्त संबंधित कारिंदे मौजूद थे। उन्होंने कहा कि जनवरी से सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं और इसके अन्तर्गत स्कूलों, कॉलेजों व कार्यस्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। वहीं जनसाधारण को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है जिसमें विभिन्न विभागों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि परिवहन एवं सड़क सुरक्षा, पुलिस, सार्वजनिक निर्माण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा शिक्षा सहित विभिन्न विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने का प्रयास करें। C M NEWSमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और प्रभावितों की बेहतर देखरेख हेतु राज्य में 6E (एजुकेशन, इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, इमरजेंसी केयर, इवेल्यूएशन, एन्गेजमेंट) आधारित रणनीति के तहत कार्यवाही प्रारंभ की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पहले ई (एजुकेशन) के तहत सड़क सुरक्षा के नियमों के बारे में लोगों को शिक्षित किया जाए। दूसरे ई (इजीनियरिंग) के तहत सड़कें, ब्रिज अन्य बुनियादी ढ़ांचे को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए बेहतर डिजाइन किया जाए। उन्होंने कहा कि तीसरे ई (एनफोर्समेंट) के तहत यातायात कानूनों की सख्ती से पालना सुनिश्चित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाए। चौथे ई (इमरजेंसी) के तहत दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा पांचवे ई (इवेल्यूएशन) के तहत सड़क सुरक्षा उपायों का नियमित रूप से मूल्यांकन कर सुरक्षा उपायों में सुधार किया जाए तथा छठवें ई (एन्गेजमेंट) के तहत समुदाय एवं विभिन्न हितधारकों को सड़क सुरक्षा अभियानों में शामिल किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि यातायात नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर सहित तमाम प्रबंध सुनिश्चित किया जाए जिससे दुर्घटनाओं की रोकथाम की जा सके। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं एवं स्पीड मॉनिटरिंग उपकरण व ऑटोमेटेड चालान प्रणाली लागू की जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग यह सुनिश्चित करे कि बिना परमिट के वाहनों की सड़कों पर आवाजाही ना हो तथा उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। साथ ही, ट्रोमा केयर सुदृढ़ीकरण करने, गैर मोटर चलित वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप अभियान चलाने एवं जिलों में सड़क सुरक्षा समितियों के माध्यम से आईरैड के आधार पर एंबुलेंसों की प्री-पोजिशनिंग के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अवैध कट्स को बंद करने, सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने, मानकों के अनुरूप रोड फर्नीचर की सुनिश्चितता एवं उनका रख-रखाव करने, सड़कों पर आवारा जानवरों की रोकथाम करने, वाहनों की फिटनेस नियमानुसार सुनिश्चित करने, ओवरलोडिंग, ओवरहैंगिंग, ओवरक्राउडिंग आदि के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन समय-समय पर करें तथा सड़क दुर्घटनाओं का सही कारण जानकर उसका विश्लेशण भी करें ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं हों। श्री शर्मा ने कहा कि ब्लैक स्पॉट को तुरंत सुधारने के लिए विशेश योजना बनाएं। इन कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में जिम्मेदारी तय कर संबंधित विभाग सख्त कार्रवाई करे। साथ ही, किसी भी स्थान पर सड़क निर्माण समयबद्ध नहीं हो रहा है तो कॉन्ट्रैक्टर के साथ विभाग की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग हाइवे पर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा सड़क पर किसी भी वाहन की अवैध रूप से पार्किंग नहीं हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर समुचित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संभाग स्तरीय सड़क सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन तथा इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम के अन्तर्गत समस्त आपातकालीन सेवाओं का एकीकरण भी किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा में कार्य करने वाले व्यक्ति एवं संस्थाओं को विशेश आयोजनों पर सम्मानित किया जाए जिससे दुर्घटना में मदद करने वाले लोग प्रोत्साहित हो। श्री शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए जिला स्तर पर बनी समिति की राज्य स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग हो। संबंधित जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में जाकर वहां दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में सड़क सुरक्षा के लिए जीवन रक्षा मित्र बनाएं, सड़क सुरक्षा अभियान के तहत गांवों में जागरूकता अभियान में इनका सहयोग लें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बोरवेल से होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। साथ ही, आगामी दो सप्ताह में सभी जिला कलक्टर यह सुनिश्चित करें कि बोरवेल खुले नहीं हों। जिससे किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।

C M News: सहकार से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हों —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि श्री वाजपेयी की जन्म शताब्दी दिवस के उपलक्ष्य पर हम सुशासन दिवस बना रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन और कार्यों के माध्यम से हमें यह सिखाया है कि सुशासन का अर्थ आमजन को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने से है और सहकारिता उसका सबसे बड़ा माध्यम है। श्री वाजपेयी जी ने ही किसानों को ऋण उपलब्धता में सुगमता के लिए किसान क्रेडिट कार्ड का नवाचार किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई है, जिससे प्रदेश के युवाओं व आमजन को जागरूक और सशक्त किया जा सके। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि बहुउद्देशीय ग्राम सेवा सहकारी समितियों, डेयरी समितियों और मत्स्य सहकारी समितियों को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सहकार आंदोलन को और अधिक सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए प्रदेश में नए को-ऑपरेटिव कोड ला रही है। इन नए कोड को अमलीजामा पहनाने के लिए समिति भी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिला और किसान परिश्रम और त्याग कर सहकारिता को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। हमारी सरकार भी सहकारिता में काम करने वालों की समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर है। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान में करीब 8000 ग्राम सेवा सहकारी समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए काम कर रही है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि इन समितियों में अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ा जाए जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हों। उन्होंने कहा कि सहकारिता से समृद्धि अभियान के तहत प्रदेश में डेयरी समितियों एवं इनके सदस्यों को सहकारी बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से हमारी सरकार बिना ब्याज फसली ऋण उपलब्ध करवा रही है। इस वर्ष हमने 35 लाख किसानों को 23 हजार करोड़ रूपये के फसली ऋण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान नई एम-पैक्स और डेयरी समिति के गठन में देश में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि आज एम-पैक्स, डेयरी और मत्स्य समितियों को पंजीयन प्रमाण पत्र, रूपे केसीसी कार्ड और माइक्रो एटीएम दिए गए हैं जिसके माध्यम से सहकारी समितियों, किसानों और पशुपालकों के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को समय पर सरकारी नौकरियां देने के लिए भर्ती कैलेण्डर जारी कर पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाओं का आयोजन सुनिश्चित कर रही है। इसी दिशा में हमारी सरकार ने हाल ही में 1 लाख से अधिक नियुक्तियां और नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू कर युवाओं को सौगात दी है।

Political News: सीएम ने बना दिया किरोड़ी मीणा को जंगल के शेर से सर्कस का शेर :दुम हिलाने को विवश

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-महेश झालानी

लगता है कि ज्यादा उछल-कूद करने वाले बीजेपी के बड़बोले नेता डॉ किरोड़ी लाल मीणा के पर कतर दिए गए है। तभी तो उनकी बोलती बंद होगई है। अब वे न रीट परीक्षा पर कुछ बोलते है और न ही एसआई परीक्षा निरस्ती के बारे में उनकी जुबान खुलती है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें जोर का झटका धीरे से दिया गया है। तभी से किरोड़ी की जुबान को ताला लग गया है। आपको ध्यान होगा कि पीएम विजिट से पहले किरोड़ी की धींगा मस्ती चरम पर थी। लेकिन अब उनकी जबान पर पूरी तरह ताला जड़ चुका है। ध्यान देने की बात यह भी है कि जिस पुलिस निरीक्षक और महेश नगर की थाना प्रभारी कविता शर्मा ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, बाबा ने इस पुलिस निरीक्षक को तबाह करने का प्रण लिया था। किरोड़ी ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया था कि जब तक वे कविता शर्मा को सेवा से बर्खास्त नही करवा देंगे, तब तक वे चैन से बैठने वाले नही है। किरोड़ी का आरोप है कि कविता की नियुक्ति फर्जी तरीके से हुईं है, लिहाजा इसे बर्खास्त किया जाए। कविता की जमीन के मम्मले में हुई जांच में भारी अनियमितताए पाई गई है, इन्हें फील्ड पोस्टिंग क्यो और कैसे दी गई है, यह भी जांच का विषय है। केबिनेट मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने के बाद भी कविता का बाल बांका न होना यह जहिर करता है कि सरकार ने इनके पूरी तरह से पर कतर दिए है। अब ये फड़फड़ा तो सकते है, लेकिन उड़ नही सकते है। उधर समूचे पुलिस महकमे में कविता शर्मा की इस बात को लेकर वाहवाही हो रही है कि उन्होंने किरोड़ी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी सारी हेकड़ी निकाल दी। इसके इतर कविता शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई। पहले चाहे पेपरलीक का मामला हो या अन्य जनहित से जुड़ा मुद्दा, किरोड़ी सबसे आगे रहते थे। लेकिन शीर्षस्थ नेतृत्व ने पूरी तरह अपाहिज और विकलांग बनाकर छोड़ दिया है। जाहिर है कि भजनलाल ने मामा के साथ साथ किरोड़ी को बाबा कहकर सारी अकड़ ढीली करदी। निश्चित रूप से इस चाणक्य नीति अपनाने के लिए भजनलाल बधाई के पात्र है जिन्होंने पगलाए हाथी को पिंजरे में कैद होने को विवश कर दिया। किरोड़ी यह सोचते है कि चुप रहने से उन्हें मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण विभाग मिल जाएगा तो यह सोच बेबुनियाद है। यदि उन्हें कुछ देना ही होता तो मदन दिलावर, जोगाराम पटेल, झाबर सिंह खर्रा और जवाहर सिंह बेडम से कम हैसियत नही होती। जब किस्मत अनुकूल नही हो तो किरोड़ी जैसे कद्दावर नेता को जवाहर सिंह बेडम जैसे राज्यमंत्री के बार बार घर जाकर गिड़गिड़ाना नही पड़ता। इसी को कहते है जंगल के शेर को सर्कस का शेर बनाना। भगवान राजनीति में ऐसी किसी व्यक्ति की दुर्दशा नही होनी चाहिए। भाई जगमोहन की पराजय से किरोड़ी पहले ही व्यथित थे। अब उनको असली हैसियत दिखाकर उन्हें आईना दिखा दिया। वे एक चक्रव्यूह में उलझ चुके है जहां से बाहर आने का कोई रास्ता दिखाई नही देता। रिंग मास्टर के निर्देशानुसार तमाशा दिखाने के अलावा कोई विकल्प बचा नही है। अंदर से बेहद दुखी है। किसी दिन उनका आंतरिक दुख लावे की तरह फुट सकता है।

Mines News: माइंस विभाग की बकाया-ब्याजमाफी योजना, बकाया मूल राशि में अधिकतम 90 प्रतिशत तक छूट

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माइंस विभाग ने बकाया-ब्याजमाफी की एमनेस्टी योजना के तहत बकाया मूल राशि में अधिकतम 90 प्रतिशत तक छूट प्रदान की है। यह छूट 31 मार्च, 2025 तक लागू रहेगी। खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि जोनल अतिरिक्त निदेशक माइंस की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। वहीं प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित मोनेटरिंग के लिए खान विभाग के अतिरिक्त निदेशकों को जोनल स्तर पर नोडल अधिकारी बनाते हुए जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होने बताया कि जोन के सभी अधीक्षण खनिज अभियंता, सहायक खनि अभियंताओं और खनन पट्टाधारियों के संगठन प्रतिनिधि को सदस्य बनाया है। दुसरी ओर खनन पट्टाधारियों के संगठन पदाधिकारियों की भी भागीदारी तय की गई है।

Farmer News: सरकार ने की गन्ना क्रय मूल्य में वृद्धि, किसानों को होगा लाभ

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गन्ना क्रय मूल्य में 10 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की स्वीकृति प्रदान की है। इस वृद्धि से श्रीगंगानगर के हजारों गन्ना उत्पादक किसानों की आय में 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री के कृषक हितैषी निर्णय के अनुसार अब गन्ना की अगेती किस्म को 401 रुपये, मध्य किस्म को 391 रुपये एवं पछेती किस्म को 386 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। वर्तमान वर्ष 2024-25 में श्रीगंगानगर जिले के 3 हजार 170 किसानों द्वारा लगभग 19 हजार 4 बीघा क्षेत्र में गन्ने की बिजाई की गई है। राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड इन किसानों का लगभग 20 लाख क्विंटल गन्ना खरीदेगा। इससे किसानों को लगभग 80 करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान अपेक्षित है।

Tanot Mata NEWS: तनोट माता का मंदिर ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जैसलमेर स्थित तनोट माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि राजस्थान के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मंदिर के मास्टर प्लान के तहत चरणबद्ध रूप से काम कर इसे विश्वस्तरीय धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर तनोट माता मंदिर क्षेत्र के मास्टर प्लान को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के क्षेत्र में अत्याधुनिक विकास कार्य किए जाएं जिससे यहां आने वाले पर्यटक देश के प्रति गौरवान्वित हों और उनमें देशभक्ति का भाव जागृत हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य मंदिर तथा प्रवेश द्वार के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देते हुए पूरे परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं। श्री शर्मा ने कहा कि मंदिर को पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाते हुए स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों का सृजन भी किया जाए। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट, डेजर्ट सफारी सहित मंदिर के मास्टरप्लान के तहत बनने वाले सभी अत्याधुनिक सुविधाओं की समीक्षा की।

C M NEWS: भारत मण्डपम की तर्ज पर बनेगा राजस्थान मण्डपम —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान मंडपम राज्य की कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक और व्यवसायिक आयोजनों के लिए प्रमुख आकर्षण का केन्द्र बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जयपुर में बनने वाले इस मंडपम को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस बनाया जाए और इसमें आधुनिक तकनीक और परंपरागत राजस्थानी वास्तुकला का बेहतरीन संयोजन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को मण्डपम के निर्माण को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत मण्डपम की तर्ज पर जयपुर में राजस्थान मण्डपम का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसमें बनने वाले एग्जीबिशन हॉल, ओपन हॉल व ऑडिटोरियम में दर्शक क्षमता का पूरा ध्यान रखा जाए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भागीदारी कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया और वन नेशन वन प्रोडक्ट के तहत स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए मंडपम में यूनिटी मॉल का भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस मॉल में सभी तरह की आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यहां संसाधन विकसित किया जाए। उन्होंने मंडपम में बनने वाले यूनिटी मॉल, पार्किंग, दुकानें एवं ऑडिटोरियम सहित पूरे मास्टर प्लान की समीक्षा की।