C M NEWS: राजस्थानी माटी की महक से खिंचे चले आएंगे देश-विदेश से प्रवासी -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार आगामी 10 दिसम्बर को जयपुर के जेईसीसी में पहले प्रवासी राजस्थानी दिवस का भव्य आयोजन करने जा रही है। यह कार्यक्रम देश और विश्वभर में बसे प्रवासी राजस्थानी समुदाय के लिए जड़ों से जुड़ने और अपनी मातृभूमि के लिए योगदान करने की दिशा में एक अनूठी पहल साबित होगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन से प्रेरित होकर राजस्थान अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और इस परिवर्तन को गति देने में प्रवासी राजस्थानियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इसी क्रम में राज्य के विकास में प्रवासी राजस्थानियों की भूमिका को और सशक्त करने, उनकी उपलब्धियों का सम्मान करने और उन्हें निवेश, नवाचार तथा सामाजिक योगदान के नए अवसरों से जोड़ने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। प्रवासी राजस्थानी दिवस के लिए पंजीकरण प्रारंभ होते ही देश-विदेश में बसे प्रवासी समुदाय में इस कार्यक्रम को लेकर बेहद उत्साह दिखाई दे रहा है और वे राजस्थान के विकास में अपनी भूमिका को लेकर सक्रिय रूप से आगे आ रहे हैं। राजस्थान की समृद्ध विरासत और बदलते प्रदेश की दिखेगी झलक— प्रवासी राजस्थानी दिवस में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर, लोक-कला और परंपराओं के साथ-साथ आधुनिक और तेजी से विकसित होते राजस्थान की झलक भी दिखाई देगी। आयोजन में राजस्थान की लोक विरासत पर आधारित विशेष रंगारंग सांस्कृतिक संध्या प्रस्तुत की जाएगी, जो प्रवासियों को अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का माध्यम बनेगी। साथ ही इस अवसर पर सेक्टोरल सेशन्स के माध्यम से राज्य में ऊर्जा, पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य और जल संसाधन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी भी प्रदान की जाएगी, ताकि प्रवासी समुदाय प्रदेश की विकास यात्रा से परिचित हो सके। सेक्टोरल सत्रों में होगा नए अवसरों पर गहन विमर्श— विविध विषयों पर होने वाले सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ राजस्थान के बदलते औद्योगिक एवं निवेश परिवेश और जुड़ाव की संभावनाओं पर विचार रखेंगे। पर्यटन सत्र में विशेषज्ञ राजस्थान के परम्परागत हैरिटेज टूरिज्म के साथ-साथ एडवेंचर और वॉटर बेस्ड पर्यटन के नए स्वरूपों पर अपने विचार रखेंगे। शिक्षा सत्र में शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के साथ वे प्रवासी राजस्थानी भी शामिल होंगे जिन्होंने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। स्वास्थ्य सत्र में चिकित्सा, फार्मा और हेल्थ टेक्नोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञ राज्य में उभरती संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। जल संसाधन सत्र में नवीनतम जल संरचनाओं और पारंपरिक जल संरक्षण पद्धतियों पर विशेष जानकारी दी जाएगी। इन सत्रों का उद्देश्य प्रवासी समुदाय को प्रदेश में उपलब्ध अवसरों और संभावनाओं से अवगत कराना तथा उनके सुझाव शामिल करना है, जो कि राज्य के विकास की नीति-निर्धारण का आधार बनेंगे। विशेष एनआरआर ओपन हाउस सत्र इस कार्यक्रम का बड़ा आकर्षण रहेगा। राजस्थान फाउंडेशन के 26 चैप्टर्स से आए वे प्रवासी, जिन्हें ‘प्रवासी राजस्थानी सम्मान’ मिल चुका है, वे भी इस सत्र में अपने विचार रखेंगे। प्रवासी राजस्थानियों के लिए खुले सहभागिता के नए द्वार— राज्य सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों की मातृभूमि के प्रति निष्ठा और योगदान की भावना को सम्मान देते हुए सहभागिता फ्रेमवर्क तैयार किया है। यह फ्रेमवर्क प्रवासी समुदाय को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सामाजिक अवसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में योगदान करने का अवसर देता है। राज्य सरकार ने प्रवासी राजस्थानियों के परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टेक्ट’ के रूप में सभी जिलों में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

Court News: पिता की स्वअर्जित संपत्ति पर संतानों का कानूनी अधिकार नहीं —राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने संपत्ति विवाद में कहा कि पिता की संपत्ति पर विवाहित संतानों का कानूनी कोई अधिकार नहीं है और पिता की बिना अनुमती के संपत्ति का उपयोग नहीं कर सकता। न्यायाधीश सुदेश बंसल ने रितेश खत्री की अपील को खारिज करते हुए यह आदेश दिया और श्री खत्री पर एक लाख रुपए जुर्माना भी लगाया। उन्होने कहा कि पिता की स्वअर्जित संपत्ति पर विवाहित संतानें कानूनी अधिकार नहीं रखती है। संताने केवल प्रेम से ही पिता की संपत्ति पर रहने का अधिकार रख सकती है। वहीं पिता कहें तो उन्हे संपत्ति खाली करने के लिए बाध्य होंना पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि जुर्माना राशि पिता के उत्पीड़न का उचित मुआवजा नहीं हो सकता लेकिन ये एक संदेश देती है कि ऐसे मुकदमे दुर्भावना से नहीं किए जाने चाहिए। बेटे ने पिता की संपत्ति को संयुक्त परिवार की संपत्ति बताने की कोशिश की लेकिन बेटे के इस दावे को कोर्ट ने खारिज कर दिया।

Rajasthan News: सरकार ने सरकारी ऋणों पर किया स्टाम्प शुल्क माफ

राज्य सरकार द्वारा जनहित में सरकारी संस्थाओं द्वारा नए या पुनर्गठित ऋणों पर 31 मार्च, 2030 तक स्टाम्प शुल्क माफ किया गया है। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह छूट सरकारी कंपनियों, निगमों, विकास प्राधिकरणों, नगर पालिकाओं और अन्य संबंधित सरकारी निकायों द्वारा लिए गए ऋणों पर लागू होगी। राजस्थान स्टेट पावर फाइनेंस एंड फाइनेंशियल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RSPF&FSCL) द्वारा राज्य सरकार के संस्थानों को दिए गए ऋणों पर भी यह छूट लागू होगी। वहीं वित्त विभाग के संयुक्त शासन सचिव नथमल डीडेल ने बताया कि पूर्व में चुकाई गई स्टाम्प ड्यूटी वापस नहीं की जाएगी।

Rajasthan News: प्रदेश में सरकार ने निर्मित भवन के बाजार मूल्य दरें की निर्धारित

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राज्य सरकार द्वारा भवन निर्माण के बाजार भाव के आकलन के लिए नई दरें निर्धारित की गई हैं। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत सामान्य आरसीसी छत वाले भवनों के लिए 1800 रुपये प्रति वर्ग फीट, मल्टी-स्टोरी शॉपिंग मॉल के लिए 2000 रुपये और मल्टीप्लैक्स सहित मल्टी-स्टोरी शॉपिंग मॉल के लिए 2100 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर तय की गई है। होटल और क्लबों के के लिए 2100 प्रति वर्ग फीट व पांच सितारा या अधिक सुविधाओं वाले होटल व क्लबों के लिए 2500 रुपये प्रति वर्ग फीट निर्धारित की गई है। वहीं पट्टी की छत वाले निर्माण के लिए 1000 रुपये प्रति वर्ग फीट, कच्चे निर्माण के लिए 250 रुपये प्रति वर्ग फीट और छत सहित भवन के केवल ढांचे के लिए 450 रुपये प्रति वर्ग फीट व बाउंड्री वॉल और वेयर हाउस के लिए दरें क्रमशः 500 रुपये प्रति रनिंग मीटर व 5000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई हैं। वित्त विभाग के संयुक्त शासन सचिव नथमल डिडेल ने बताया कि सूची में शामिल नहीं होने वाले निर्माण कार्यों का मूल्यांकन महानिरीक्षक स्टांप्स द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा।

RHB NEWS: आवासीय योजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता का आवासन आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण

राजस्थान आवासन मण्डल विभिन्न आय वर्ग के लिए अपना ख़ुद का आवास प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है। राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा जयपुर के महला क्षेत्र में विभिन्न आय वर्गों — ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी — के लिए 365 स्वतंत्र आवासों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह परियोजना राज्य सरकार की बजट वर्ष 2024-25 की घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत संचालित की जा रही है। आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने परियोजना स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने कुछ निर्माणाधीन आवासों की नींव में गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप निर्माण ना होने के कारण मौके पर ही जेसीबी बुलवा नींव को ध्वस्त करवाया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति पर विशेष बल देते हुए अभियंताओं, अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्धारित समयसीमा (जून 2026) तक सभी आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि मण्डल का उद्देश्य आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और योजनाबद्ध आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्माण स्थल पर कार्यरत अभियंताओं को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक आवास का निर्माण निर्धारित मानकों और तकनीकी विनिर्देशों के अनुरूप ही किया जाए जिसमे किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महला आवासीय योजना के तहत निर्मित होने वाले ये आवास आमजन, विशेषकर निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए आवासीय सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। वहीं आवासन आयुक्त ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बोर्ड की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बोर्ड की सभी आवासीय परियोजनाओं में निर्माण योजनाबद्ध तरीके से किया जाए और हर चरण पर विशेषज्ञों व अभियंताओं द्वारा पूर्ण निरीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित हो सके। आयुक्त ने बकाया वसूली के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि जिन आवंटियों ने अपने आवंटित मकान या फ्लैट के विरुद्ध देय किश्तों का भुगतान समय पर नहीं किया है, उनसे तत्काल प्रभाव से वसूली अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड की वित्तीय सुदृढ़ता के लिए समयबद्ध वसूली अत्यंत आवश्यक है। डॉ. शर्मा ने जल्द ही इन सभी बकाया राशि के भुगतान के प्रकरणों में नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई के सख़्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रक्रियाओं में गति, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर जनविश्वास को और अधिक मजबूत किया जाए।

C M NEWS: मुख्यमंत्री का नई दिल्ली दौरा -राजस्थान विकास के लिये केन्द्रीय मंत्रियों से की मुलाकात

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास को नए आयाम देने की दिशा में शहरी विकास, ऊर्जा, जल परियोजनाओं और कौशल विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से भेंट के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभा की। इस दौरान राजस्थान में भारत के सौर ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने की अपार संभावनाओं को देखते हुए विद्युत निकासी के सुदृढ़ीकरण को लेकर सार्थक चर्चा की गई। टॉवर बेस मुआवजा दर, डी.एल.सी. की 400 प्रतिशत तक- सभा में अवगत कराया गया कि किसानों के हित में टॉवर बेस मुआवजा दर को डी.एल.सी. दर के 400 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। वहीं कॉरिडोर मुआवजा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 प्रतिशत, नगरपालिका क्षेत्रों में 45 प्रतिशत और नगर निगम क्षेत्रों में 60 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। यह भी बताया गया कि ए.टी. एण्ड सी. हानियों में लगातार कमी आ रही है। इसी क्रम में जयपुर और अजमेर डिस्कॉम अब 15 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ चुके हैं और आर.डी.एस.एस. योजना के क्रियान्वयन की गति में सुधार किया गया है। उन्होंने जयपुर मेट्रो के चरण-2 की डीपीआर स्वीकृति को लेकर भी विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से भी मुलाकात की। श्री शर्मा ने दोनो मंत्रियों से प्रदेश में जल आपूर्ति और जल संचयन सहित जल परियोजनाओं और केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान को स्किल डवलपमेंट हब बनाने से जुड़े रोडमैप पर वार्ता की।

Rajasthan News: प्रवासी राजस्थान दिवस उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और जल क्षेत्रों पर होगा आयोजित

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राजस्थान के वैश्विक जुड़ाव को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार 10 दिसंबर 2025 को जेईसीसी, जयपुर में आयोजित होने वाले पहले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के दौरान प्रवासी राजस्थानियों के साथ सेक्टोरल सेशंस आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित इस सेक्टोरल सेशंस में प्रवासी राजस्थानी, उद्योग जगत के प्र​तिनिधि और उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य और जल जैसे विभिन्न क्षेत्रों के नीति निर्माता NRR राउंडटेबल के साथ-साथ शामिल होंगे। प्रगतिशील नीतियों द्वारा समर्थित और राजस्थान का तेज़ी से बढ़ता औद्योगिक परिदृश्य निवेश और नवाचार के नए अवसर प्रदान करता है। उद्योग को समर्पित एक सत्र में NRR को राजस्थान की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। राजस्थान के सबसे मजबूत आर्थिक स्तंभों में से एक पर्यटन, विरासत, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पर्यटन में नए आयाम खोलने पर केंद्रित होगा, जिसमें शेखावाटी और उसकी प्रतिष्ठित हवेलियों जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा। शिक्षा सेशन में डिजिटल पहुँच, कौशल प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा को बढ़ाने के लिए पहलों पर प्रकाश डाला जाएगा और सहयोग की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य सेशन में बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए साझेदारी बनाने हेतु चिकित्सा अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के विशेषज्ञ एक साथ आएंगे। जल पर सेशन में, सतत जल प्रबंधन, पारंपरिक जल संरचना पुनरुद्धार और रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसी परियोजनाओं पर चर्चा होगी, जो दीर्घकालिक जल सुरक्षा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगी। इन संवादों के अलावा, राज्य भर में उद्योग, परोपकार और सामुदायिक विकास के अवसरों से प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने के लिए एक विशेष NRR राउंडटेबल का भी आयोजन किया जाएगा। ये सेक्टोरल सेशंस केवल चर्चा के लिए ही नहीं, बल्कि साझेदारी के मंच के रूप में भी तैयार किए गए हैं। वे प्रवासी राजस्थानियों को राज्य सरकार के साथ अपने अनुभव, दृष्टिकोण और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करेंगे।

Rajasthan News: प्रदेश में मेडिकल काॅलेजों और अस्पतालों के प्रधानाचार्य व अधीक्षक नहीं कर सकेंगे प्राइवेट प्रेक्टिस

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राज्य सरकार ने प्रदेश के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और इनसे संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की मंजूरी के बाद चिकित्सा शिक्षा विभााग ने मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य और नियंत्रक, अतिरिक्त प्रधानाचार्य व संबद्ध अस्पतालों में अधीक्षकों की नियुक्ति हेतु नियमों में बदलाव करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गये हैं। चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि मेडिकल काॅलेज और इससे संबद्ध अस्पतालों में मरीज भार अत्यधिक होने के साथ ही यहां प्रशासनिक कार्यों की अधिकता रहती है और विशेष परिस्थितियों में कार्य सम्पादन किया जाता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों में पूर्णकालिक रूप से दक्ष व कुशल प्रशासक होना आवश्यक है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने विस्तृत विचार विमर्श के बाद प्रधानाचार्यों, अतिरिक्त प्रधानाचार्यों और अधीक्षकों के चयन व नियुक्ति के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, इस जनहितैषी निर्णय से स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। वहीं चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि परिपत्र के अनुसार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य और नियंत्रक व संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षक प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। वे अपने आचार्य या वरिष्ठ आचार्य जैसे पदीय कर्तव्यों के लिए एक चौथाई से ज्यादा समय नहीं देंगे। चयनित प्रधानाचार्य और अधीक्षक को विभागाध्यक्ष या यूनिट हैड बनने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए उन्हें आवेदन पत्र के साथ इस संबंध में घोषणा पत्र भी देना होगा। उन्हें यह भी शपथ पत्र देना होगा कि वे पीएमसी के पद पर पूर्णकालिक रूप से कार्य करेंगे।

Rajasthan News: प्रर्यावरण प्रदूषण से राहत के लिए हरित उर्जा को बढ़ावा देना समय की मांग —प्रमुख शासन सचिव खान

प्रमुख शासन सचिव खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त गुरुवार को खनिज भवन में राज्य की सीजीडी संस्थाओं की प्रगति और सीजीडी सुविधा विस्तार के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 82 हजार परिवारों को पाइपलाईन से घरेलू गैस सुविधा से जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही वाहनों को हरित उर्जा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 491 सीएनजी स्टेशनों से सीएनजी उपलब्ध कराई जाने लगी है। सीजीडी संस्थाओं को अपने जीए क्षेत्र में संरचनात्मक ढांचा विकसित करने के कार्य में तेजी लानी होगी वहीं घरेलू के साथ ही औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी सेवाओं से जोड़ने के ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होने कहा कि राज्य में हरित और स्वच्छ उर्जा को बढ़ावा देने के लिए बहुमंजिला बिल्डिंगों के निर्माण के समय ही पाइपलाईन से घरेलू गैस सुविधा डीपीएनजी उपलब्ध कराने की ढांचागत सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निर्माताओं से सीजीडी संस्थाएं समन्वय बनाएगी। 17 भौगोलिक क्षेत्रों में कार्य कर रही 13 सीजीडी संस्थाओं को भवन निर्माताओं से भी समन्वय बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की है। प्रर्यावरण प्रदूषण से राहत के लिए हरित उर्जा को बढ़ावा देना समय की मांग है और इसके लिए सीजीडी संस्थाओं को आम नागरिकों तक प्रभावी तरीके से पाइपलाईन से घरेलू गैस के सुरक्षित, प्रदूषणमुक्त, 24*7 उपलब्धता, स्वच्छ ईंधन आदि लाभों की प्रभावी तरीके से जानकारी पहुंचानी होगी। इसके लिए सीजीडी संस्थाओं को अवेयरनेस कार्यक्रम भी चलाने होंगे। श्री रविकान्त ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में स्वच्छ उर्जा को बढ़ावा देने और सीजीडी संस्थाओं के कार्य को गति देने के लिए ही सीजीडी नीति जारी की है। इससे सीजीडी संस्थाओं की स्थानीय स्तर की समस्याओं का वहीं पर निस्तारण होने के साथ ही राज्य स्तरीय समस्याओं के निधान की राह भी प्रशस्त हो गई है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही सीजीडी पोर्टल भी जारी किया जा रहा है जिससे व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व पेपरलेस हो सकेगी। इस दौरान राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में 13 सीजीडी संस्थाओं द्वारा 17 जियोग्राफिकल एरिया में सीएनजी-पीएनजी आदि हरित उर्जा उपलब्ध कराने के लिए संरचनात्मक ढांचा विकसित करने के साथ ही तैयार क्षेत्र में डीपीएनजी कनेक्शन जारी कर सीएनजी उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। इस साल प्रदेश में 1 लाख 25 हजार नए डीपीएनजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 30 हजार से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी कर दिए गए हैं और शेष कनेक्शन जारी करने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

C M NEWS: आमजन और किसानों को निर्बाध जलापूर्ति राज्य सरकार की प्राथमिकता —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में आमजन व किसानों तक जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पेयजल एवं सिंचाई संबंधी परियोजनाओं एवं विकास कार्यों को कार्ययोजना के अनुरूप नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से पूर्ण करें। श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जल संसाधन विभाग, सिंचित क्षेत्रीय विकास विभाग और इंदिरा गांधी नहर विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विगत दो बजट में आमजन व किसानों के लिए पेयजल और सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित करने के संबंध में महत्वपूर्ण सौगातें दी। उन्होंने इस संबंध में बजट घोषणाओं की प्रगति की जानकारी ली व अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के निर्देश प्रदान किए। रामजल सेतु लिंक परियोजना के कार्यों में लाएं प्रगति — मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना के माध्यम से प्रदेश की बड़ी आबादी को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। इस परियोजना में चरणबद्ध रूप से होने वाले कार्यों को कार्ययोजना के अनुरूप पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य पेयजल विकास कार्यों की भी निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि सीकर, चूरू, झुंझुनूं को यमुना जल उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने इस संबंध में कार्ययोजना में प्रगति लाने के विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना के विभिन्न विकास कार्यों को समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि गंगनहर निर्माण के दिसंबर माह में 100 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस उपलक्ष्य में इस नहर के अधिक विकास के लिए कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे इसका लाभ अधिक लोगों तक पहुंच सके। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं से जुड़ी वन एवं पर्यावरण से संबंधित स्वीकृति और अन्य जरूरी क्लीयरेंस के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने विभिन्न लंबित बजटीय घोषणाओं से जुड़ी एनआईटी, टेंडर, वर्क ऑर्डर तथा डीपीआर बनाने संबंधी कार्यों को तीव्र गति से पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश प्रदान किए।