C M News: मुख्यमंत्री ने 11 लाड़लियों को दिया सुखी-वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन जरूरतमंदों का सहारा बन रहे हैं। ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। श्री शर्मा शुक्रवार को राज्य महिला सदन, सांगानेर में सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन हमारी सरकार की सामाजिक समावेशन और महिला सशक्तिकरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह आयोजन सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित बेटियों के लिए एक नया सवेरा है। इससे उन्हें सम्मान, स्नेह और आत्मनिर्भरता की राह मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सामूहिक विवाह के बाद 1900 से अधिक युवकों ने यहां की बेटियों से विवाह के लिए आवेदन किया था। इनमें से 11 योग्य युवकों का चयन किया गया, जो आज हमारी लाड़लियों के जीवनसाथी बने हैं। यह चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही, इसमें बेटियों के सम्मान और पसंद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। श्री शर्मा ने कहा कि हमारा दृढ़ संकल्प है कि प्रदेश की हर बेटी, हर महिला न केवल आत्मनिर्भर बने, बल्कि समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। हमारी सरकार ने उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनका सीधा लाभ लाखों बालिकाओं और महिलाओं तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में विवाह के लिए 21 हजार से 51 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पिछले डेढ़ वर्ष में 13 हजार से ज्यादा बेटियों को 71 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। लाडो प्रोत्साहन योजना बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करने और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने 11 लाड़लियों और उनके जीवनसाथियों को सुखी-वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 21-21 हजार रुपये की सहायता राशि के चैक भेंट किए।

C M NEWS: सरकार अनमोल धरोहरों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सीकर, झूंझनूं और चूरू जिले में स्थित शेखावाटी की हेरिटेज हवेलियों का संरक्षण और जीर्णोद्धार करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ये बहुत ही दुर्लभ हवेलिया हैं, जिनके संरक्षण के लिए अधिनियम भी लाने की आवश्यता हुई तो लाया जायेगा। श्री शर्मा ने कहा कि पर्यटन, कला और संस्कृति को बढ़ावा देना और हमारी अनमोल विरासत का सरंक्षण करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य की सभी हेरिटेज धरोहरों का सर्वे कर उनका विकास करवाया जाए। उन्होंने पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव को शेखावाटी की सभी 662 हेरिटेज हवेलियों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के संबंध में ये निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिला कलेक्टरों को भी निर्देशित करते हुए कहा कि अपने— अपने जिले में स्थित हेरिटेज भवनों का संरक्षण करें और इसके लिए सीएसआर से भी सहयोग ले सकते हैं। किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूर्ण संवेदनशीलता से राज्य की इन अनमोल धरोहरों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव ने बुधवार को जयपुर पर्यटन भवन में विभाग की समीक्षा की। इस दौरन श्री यादव ने निर्देश दिए कि विभाग में जहां पद खाली है वहां वैकल्पिक रूप से आउटसोर्स किया जाए। उन्होंने पर्यटन विभाग में 13 पर्यटन अधिकारी 20 सहायक पर्यटन अधिकारी के पद सहित अन्य विभिन्न पदों को वैकल्पिक व्यवस्था से भरने के निर्देश दिए। शासन सचिव ने राजस्थान फिल्म पॉलिसी ड्राफ्ट, राजस्थान टूरिज्म पॉलिसी 2025 ड्राफ्ट और राजस्थान एडवेंचर टूरिज्म प्रमोशन स्कीम 2025 के ड्राफ्ट पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने उक्त पॉलिसीज पर तत्परता से विभागीय कार्यवाही कर, अन्तिम रूप प्रदान किया जाने और सक्षम स्तर पर नियमानुसार अनुमोदित करवाने की प्रक्रिया को शीघ्र संपादित करने के भी निर्देश दिए।

Tourism News: पर्यटन, कला और संस्कृति में एक पहल से ही समाधान किए जा सकते हैं —प्रमुख शासन सचिव

प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला और संस्कृति एवं अध्यक्ष आरटीडीसी राजेश यादव की अध्यक्षता में आयुक्त पर्यटन और प्रबंध निदेशक आरटीडीसी रुक्मणि रियार की उपस्थिति में सोमवार को जयपुर स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन विभाग की समीक्षा की गई। श्री यादव ने पर्यटन आयुक्त सहित विभिन्न अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी वाली शाखाओं और विभागों को आवश्यक विषयों का प्रपत्र बनाकर वितरित किया। उन्होंने प्रपत्र अनुसार बिंदुओं को प्रमुखता से अड्रेस करते हुए विभाग में बेहतर प्रदर्शन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव ने पर्यटन विभाग और पर्यटन विभाग की विभिन्न शाखाओं जैसे मेला उत्सव, पर्यटक सुरक्षा बल, लेखा शाखा, पर्यटन सूचना केन्द्र जयपुर, विकास शाखा, निवेश शाखा, पुरातत्व विभाग, रविन्द्र मंच, जवाहर कला केन्द्र, धरोहर विकास प्राधिकरण सहित सभी सम्बन्धित शाखाओं और विभागों को निर्देश दिए कि उनको उपलब्ध करवाये गए प्रपत्रों में वर्णित महत्वपूर्ण बिन्दुओं के आधार पर आगे कार्य की योजना बनाकर कार्य किया जाना है। उन्होंने निर्देर्शित किया कि इसके अतिरिक्त कोई अन्य बिन्दु प्रपत्र में शामिल करना हो तो शाखाएं और विभाग अपने स्तर पर उन बिन्दुओं को जोड़कर अगली समीक्षा में कार्य योजना सहित प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि विभाग के कुछ इश्यूज तो ऐसे भी हो सकते हैं, जिनमें किसी बजट की आवश्यता नही होती है, अपितु एक पहल करके ही समाधान किए जा सकते हैं। कला एवं संस्कृति के संवर्धन में लोकल स्तर पर के कई अच्छे और उत्पादक नवाचार किये जा सकते हैं। प्रमुख शासन ने कहा कि प्रदेश में आने वाले 23 करोड़ पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटक गाइड के प्रशिक्षण और स्किल अपग्रेडेशन भी किया जाना चाहिए। वहीं पर्यटक वाहन चालक का भी प्रशिक्षण करवाया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटक गाइडों की सूची भी विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध करवाई जा सकती है। समीक्षा के दौरान कार्यकारी निदेशक राजस्थान पर्यटन विकास निगम और अतिरिक्त निदेशक पर्यटन प्रशासन (अतिरिक्त प्रभार) राजेश सिंह, सयुंक्त शासन सचिव पर्यटन मोहम्मद अबुबक्र, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, पवन जैन, जवाहरकला केन्द्र की अतिरिक्त महानिदेशक अलका मीणा, संयुक्त निदेशक पर्यटन (विकास) राजेश शर्मा, संयुक्त निदेशक मेले त्योहार पुनीता सिंह, संयुक्त निदेशक मार्केटिंग दलीप सिंह, उप निदेशक पर्यटन उपेन्द्र सिंह शेखावत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

C M NEWS: राजस्थान बनेगा 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सांख्यिकी वो क्षेत्र है जिसके माध्यम से सरकार जनता की अपेक्षाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति कर सकती है। जब आंकड़े सटीक होते हैं, तभी हम निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में प्रगति का निष्पक्ष मूल्यांकन कर सकते हैं और सुधार के लिए समय रहते कदम उठा सकते हैं। उन्होंने आंकड़ों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और उपयोगिता को और अधिक सशक्त बनाते हुए विकसित भारत व विकसित राजस्थान के संकल्प की सिद्धि का आह्वान किया। श्री शर्मा रविवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जंयती के अवसर पर आयोजित 19वें राज्य स्तरीय सांख्यिकी दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने श्री महालनोबिस का स्मरण करते हुए कहा कि वे भारतीय सांख्यिकी प्रणाली के मुख्य शिल्पी और सांख्यिकी विज्ञान के जनक थे। देश में सांख्यिकी प्रणाली को सुदृढ़ करने और नीति निर्माण को वैज्ञानिक तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित बनाने का उनका योगदान हमेशा याद रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 19वां सांख्यिकी दिवस ‘नेशनल सैंपल सर्वे के 75 साल‘ थीम पर मनाया जा रहा है जिसके निष्कर्षों और तथ्यों ने देश में नीतियों व कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आज राज्य सरकार ने आंकड़ों के आधार पर नीतिगत निर्णय लेकर सुशासन की मजबूत नींव रखी है। प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हो या अंत्योदय की भावना के अनुरूप कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुगमता से पहुंचाने का संकल्प, राज्य सरकार आंकड़ों के आधार पर मजबूती से निर्णय ले रही है। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सांख्यिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य में 68 नवीन ब्लॉक सांख्यिकी कार्यालयों और 8 नए जिलों में सांख्यिकी कार्यालयों की स्थापना करने के साथ ही, सांख्यिकी कार्यालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाने के प्रावधान भी किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सतत् विकास लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से हमनें बजट में एसडीजी कोर्डिनेशन एंड एक्सीलरेशन सेंटर की स्थापना की घोषणा की। इसके लिए पदों के सृजन एवं विशेषज्ञों की सेवाओं के लिए वित्तीय सहमति दी जा चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘स्टैटिस्टिकल इयरबुक 2025‘ और ‘राजस्थान एसडीजी स्टेटस रिपोर्ट 2025‘ का विमोचन और ‘एसडीजी वेबसाइट 2.0‘ का शुभारंभ किया। साथ ही, उन्होंने राज्य में सांख्यिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए जयपुर जिला कलक्टर जितेन्द्र सोनी सहित 16 अधिकारियों-कर्मचारियों को राज्य स्तरीय ‘प्रोफेसर पीसी महालनोबिस सांख्यिकी पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर सांख्यिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहें।

Politics News: गहलोत के बयानों से भाजपा में हलचल

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर भाजपा पर सीएम भजनलाल शर्मा को हटाने का आरोप लगा कर भाजपा में हलचल पैदा कर दी है। गहलोत ने शनिवार को जोधपुर में कांग्रेस की आयोजित संविधान बचाओ रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पता नहीं भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री रहेंगे या नहीं, कौन रहेगा कौन जाने। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी आरएसएस के कट्टर कार्यकर्ता हैं। हमने सुना है कि उनका नाम भी मुख्यमंत्री की दौड़ आगे चल रहा है। अब पता नहीं भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री रहेंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल चुनी हुई सरकारों में दखल दे रहे हैं। संविधान में इन्दिरा गांधी ने समाजवाद व धर्मनिरपेक्षता को जुड़वाया था। अब आरएसएस इसे हटाने की बात कर रही है। लेकिन मुख्यमंत्री इस खतरे को समझ नहीं पा रहे हैं। वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने गहलोत के बयान पर सफाई देते हुए कहा कि ‘मुख्यमंत्री को हटाने का कोई षड्यंत्र नहीं चल रहा है। सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल है और केंद्र व राज्य की डबल इंजन की सरकार अच्छा काम कर रही है। दूसरी ओर भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने भी गहलोत के बयान पर सफाई दी है कि ‘हम रोज मुख्यमंत्री नहीं बदलते। चुनाव के आधार पर ही बदलाव होता है। आज हमारे मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा हैं, कल भी वही रहेंगे। हम रोज-रोज मुख्यमंत्री नहीं बदलते।

Jaipur News: सोमवार को एसएमएस सहित संलग्न अस्पतालों में हालात बिगड़े हुए दिखाई देंगे —जार्ड

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उदयपुर में रेजिडेंट डॉक्टर रवि शर्मा की मौत पर 11 दिन से लगातार विरोध जारी है। रेजिडेंट की मौत के मामले पर जार्ड एग्ज्युकेटिव मेंबर भारत पारीक ने बताया कि जयपुर में अब तक कंपलीट स्ट्राइक नहीं हो सकी है। लेकिन अब सोमवार को जयपुर में एसएमएस सहित संलग्न अस्पतालों में हालात बिगड़े हुए दिखाई देंगे। उन्होने कहा कि 2100 से ज्यादा रेजिडेंट सीएल लेकर अवकाश पर रहेंगे। ऐसे में इमरजेंसी से लेकर ओपीडी व वार्डों में सब जगह चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित होगी। रेजिडेंट का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल का आज 11वें दिन भी जारी है।

Rajasthan Police News: धोखाधड़ी का शिकार हुए तो तुरंत मिलेगी मदद —राजस्थान पुलिस

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों के बीच राजस्थान पुलिस ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। महानिदेशक पुलिस राजस्थान डॉ रविप्रकाश मेहरड़ा के मार्गदर्शन में अब राज्य के प्रत्येक पुलिस थाने में एक विशेष “साइबर हेल्प डेस्क” स्थापित किया गया है। यह पहल साइबर पीड़ितों को तत्काल सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए बनाई गई है। महानिरीक्षक पुलिस एससीआरबी शरत कविराज ने बताया कि राजस्थान पुलिस ने साइबर डेस्क की स्थापना के अतिरिक्त साइबर अपराध की सूचना देने और त्वरित मदद पाने के लिए दो साइबर क्राइम हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर – 9256001930 और 9257510100 भी जारी किए गए हैं। अब साइबर धोखाधड़ी या अन्य किसी भी डिजिटल अपराध का शिकार होने पर मदद बस एक कॉल या मैसेज दूर है। क्या है ‘साइबर हेल्प डेस्क’ और कैसे मिलेगा आपको सीधा लाभ पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम शान्तनु कुमार सिंह ने बताया कि ये ‘साइबर हेल्प डेस्क’ सिर्फ नाम के लिए नहीं हैं बल्कि ये कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाएंगे जो सीधे आम जनता को फायदा पहुंचाएंगी: ★ आपकी शिकायत पर तत्काल सुनवाई: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया से संबंधित अपराध या किसी भी साइबर समस्या पर आपकी शिकायत सुनी जाएगी और तुरंत कार्रवाई होगी। ★ धोखाधड़ी में फंसे पैसे वापस पाने में मदद : अगर आप वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो हेल्प डेस्क आपको साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत दर्ज करने में मदद करेगा। वे सुनिश्चित करेंगे कि आपके क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर, खाता संख्या, लेनदेन आईडी और अन्य सभी महत्वपूर्ण जानकारी सही-सही दर्ज हो ताकि आपके पैसे वापस आने की संभावना बढ़ सके। ★ संदिग्ध नंबरों को ब्लॉक करना: वित्तीय साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले किसी भी संदिग्ध मोबाइल नंबर या IMEI नंबर को साइबर पुलिस पोर्टल (www.cyberpolice.nic.in) के जरिए ब्लॉक करवाने में आपकी मदद की जाएगी। ★ गुम हुए मोबाइल की वापसी में सहायता: मोबाइल फोन गुम होने पर, हेल्प डेस्क आपको राजस्थान पुलिस वेबसाइट (police.rajasthan.gov.in) पर ऑनलाइन या ऑफलाइन रिपोर्ट दर्ज करने और फिर CEIR पोर्टल (ceir.gov.in) पर डिवाइस को ब्लॉक व रिपोर्ट करने में पूरा सहयोग देगा। ★ नेशनल हेल्पलाइन से जुड़े लाभ: नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से फ्रीज की गई धनराशि को आपके बैंक खाते में वापस दिलाने की प्रक्रिया में ‘साइबर हेल्प डेस्क’ आपकी पूरी सहायता करेगा। यह सब भारत सरकार के दिशानिर्देशों और न्यायालय निर्णयों के अनुसार होगा। ★ फर्जी सोशल मीडिया खातों पर लगाम: फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) जैसे किसी भी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट की रिपोर्ट करने या उन्हें बंद करवाने की कार्रवाई में आपको पूरा सहयोग मिलेगा। एक सुरक्षित डिजिटल भविष्य की ओर~ यह पहल राजस्थान पुलिस की नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अब आप अपनी डिजिटल दुनिया में अधिक सुरक्षित महसूस कर सकते हैं, क्योंकि आपकी सुरक्षा के लिए एक समर्पित टीम और आसान संपर्क माध्यम उपलब्ध हैं। यदि आप कभी साइबर अपराध का शिकार होते हैं तो रिपोर्ट करें: ° साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर: 1930 ° साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in ° राजस्थान पुलिस की नई साइबर अपराध हेल्पलाइन / व्हाट्सएप नंबर: 9256001930 और 9257510100 ° आपका निकटतम पुलिस स्टेशन / साइबर पुलिस स्टेशन

Rajasthan News:डीग जिले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की खुदाई से मिला सरस्वती नदी का प्रमाण

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भरतपुर संभाग के डीग जिले में 3500 से 1000 ईसा पूर्व पुरानी सभ्यता के अवशेष मिले हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार गांव बहज में 23 मीटर की खुदाई पर प्राचीन नदी के होने के संकेत मिले हैं। भारतीय पुरातत्व ने दावा किया है कि यह सभ्यता सरस्वती नदी के किनारे पनपी हो सकती है। पांच माह तक लगातार हुई खुदाई में यहां हिंदु देवी-देवताओं की मूर्ति के अलावा प्राचीन सभ्यता के आभूषण मिले हैं वहीं कंकाल और चांदी, तांबे के प्राचीन सिक्के भी बड़ी संख्या में मिलने की जानकारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गोवर्धन सड़क मार्ग पर बसे इस गांव में भगवान श्रीकृष्ण पौत्र बज्रनाथ का खेड़ा होने पर 10 जनवरी 2024 को खुदाई शुरू की थी। अवशेषों पर शोध के अनुसार यहां महाभारत काल का इतीहास मीला है। खुदाई में हड्डी से बने औजार, अर्ध-कीमती पत्थरों के मनके और शंख की चूड़ियां, 15 यज्ञ कुंड, शिव-पार्वती की मूर्तियां मिली हैं। ये सभी 1000 ईसा पूर्व से भी अधिक बताई जा रही है। ब्राह्मी लिपी की मुहरें, महाजनपद काल के यज्ञ कुंडों में रेत भरी मिट्टी और छोटे बर्तनों में तांबे के सिक्के मिले हैं। वहीं महाभारत काल के बर्तनों का भंडार मिला भी मिले है। प्राप्त अभिलेखों के अनुसार बहज गांव को जिक्रवज नगर के नाम से जाना जाता था।

C M NEWS: 25 जून 1975 की आधी रात को देश में थोपा गया आपातकाल —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को देश में थोपा गया आपातकाल हमारे लोकतांत्रिक इतिहास पर काला धब्बा है। इस दौरान तत्कालीन सरकार ने मीसा और डीआईआर जैसे अलोकतांत्रिक कानूनों को लागू कर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और मौलिक अधिकारों का दमन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों नेसंवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए जेलों में कड़ी यातनाएं झेली और लोकतंत्र को बचाने के लिए जो संघर्ष किया, वो एक अप्रतिम उदाहरण है। श्री शर्मा बुधवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आपातकाल लगाए जाने के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय- संविधान हत्या दिवस-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान तत्कालीन सरकार नेलगभग एक लाख 40 हजार लोगों को अलोकतांत्रिक तरीके से कई महीनों तक कैद में रखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों के संस्मरणों से संकलित ‘लोकतंत्र रक्षा की कहानी-सेनानियों की जुबानी’पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों का अभिनंदन किया।

Electricity News: कनेक्शन में देरी पर होगी सख्त कार्रवाई -डिस्काॅम चेयरमैन

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डिस्काॅम्स चेयरमैन और जयपुर डिस्काॅम की प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने कहा कि कनेक्शन जारी करने में देरी को प्रबंधन द्वारा गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे प्रकरणों में संबंधित कार्मिकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुश्री डोगरा बुधवार को विद्युत भवन में जयपुर डिस्काॅम के अधिशासी अभियंताओं के साथ विद्युत आपूर्ति, डिस्ट्रिब्यूशन लाॅसेज, राजस्व, ट्रिपिंग आदि विषयों पर समीक्षा कर रही थीं। औद्योगिक विद्युत कनेक्शन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान उन्होंने ऐसे मामलों में देरी का कारण पूछा। अभियंताओं ने आवेदक के स्तर पर लंबित होना बताया। इस पर डिस्काॅम चेयरमैन ने पुष्टि के लिए तत्काल आवेदकों से मोबाइल फोन पर बात कर देरी का कारण पता करने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए, जिनमें आवेदन के करीब तीन माह बाद भी कनेक्शन जारी नहीं हो सके थे। बैठक के बीच से ही अभियंताओं ने आवेदकों को फोन कर अब तक कनेक्शन नहीं होने का कारण पूछा। इन मामलों में डिमांड नोट जमा नहीं कराने, विदेश यात्रा पर जाने जैसे आवेदक के स्तर पर विलंब के कारण सामने आए। सुश्री डोगरा ने कहा कि घरेलू और अघरेलू, किसी भी प्रकार के कनेक्शन में देरी का असर डिस्काॅम की छवि पर पड़ता है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी श्रेणियों में उपभोक्ताओं को यथाशीघ्र कनेक्शन मिले। डिस्काॅम्स चेयरमैन ने इस दौरान अभियंताओं को 50 हजार रुपये से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं से बकाया राजस्व वसूली, बिजली चोरी वाले क्षेत्रों में विजिलेंस गतिविधियों को बढ़ाने, ट्रिपिंग रोकने के लिए ग्रिड सब स्टेशनों एवं फीडरों की नियमित चेकिंग तथा उनमें लोड के अनुरूप सुधार के सभी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डिस्काॅम्स चेयरमैन ने बुधवार को विद्युत भवन में जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगमों के जोनल मुख्य अभियंताओं के साथ संवाद में निर्देश दिए कि विद्युत तंत्र में सुधार के लिए फील्ड विजिट बढ़ाएं। सुश्री डोगरा ने कहा कि प्रत्येक जोन में एफआरटी, हाई लाॅस वाले सब डिवीजन, जीएसएस, सीएलआरसी पर दिए जाने वाले कार्यों तथा आरडीएसएस योजना के कार्यों की प्रगति और आवश्यक सुधार कार्यों का निरीक्षण करें। उन्होंने सभी जोनल अभियंताओं को निरीक्षण का अभियान चलाने के निर्देश दिए।