C M NEWS: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का होगा सर्वे, किसानों को जल्द मिलेगी राहत —मुख्यमंत्री

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CM BL Sharma
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और भारी ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। किसानों के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल प्रभाव से खराबे का विशेष गिरदावरी (सर्वे) करवाकर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयान के माध्यम से प्रदेश के अन्नदाताओं को ढांढस बंधाते हुए कहा कि “किसानों की पीड़ा हमारी अपनी पीड़ा है। राजस्थान की खुशहाली और समृद्धि का असली आधार हमारे मेहनती किसान भाई-बहन हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश—

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सर्वे की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित होनी चाहिए ताकि प्रभावित किसानों को बिना किसी देरी के उचित मुआवजा और सहायता राशि मिल सके। उन्होंने जिला प्रशासन को फील्ड में जाकर धरातल पर हुए नुकसान का आकलन करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि “प्रत्येक प्रभावित किसान को शीघ्र और समुचित सहायता उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”

किसानों के लिए संबल बनी सरकार—

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई जिलों में अचानक आए मौसम के बदलाव, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने रबी की तैयार फसलों को काफी नुकसान पहुँचाया है। गेहूं, सरसों और चने की फसलें खेतों में बिछ गई हैं, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई थीं। ऐसे में मुख्यमंत्री के इस त्वरित संज्ञान और संवेदनशीलता ने प्रदेश के लाखों किसानों को संबल प्रदान किया है।

अन्नदाता की खुशहाली के लिए प्रतिबद्धता—

भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में दोहराया कि उनकी सरकार ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ काम कर रही है, जिसमें समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति और विशेष रूप से अन्नदाता का कल्याण सर्वोपरि है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि आपदा राहत कोष (SDRF) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से नियमानुसार जो भी अधिकतम संभव सहायता होगी, वह समयबद्ध तरीके से प्रत्येक पात्र किसान तक पहुँचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान के आकलन के लिए जुटने की तैयारी कर रही हैं। सरकार का यह कदम दर्शाता है कि वर्तमान नेतृत्व किसानों की समस्याओं को लेकर न केवल गंभीर है, बल्कि उनके समाधान के लिए धरातल पर सक्रिय भी है।

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