पश्चिमी राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी और सामाजिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और प्रसिद्ध भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच सोशल मीडिया से शुरू हुई जुबानी जंग अब कानूनी दहलीज तक पहुँच गई है। विवाद के चलते जिला कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस पर गहमागहमी का माहौल है, जहाँ रावणा समाज इस मामले में आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है।
साजिशकर्ताओं से सावधान रहने की चेतावनी—
बिगड़ते सामाजिक सद्भाव को देखते हुए श्री राजपूत समाज सेवा समिति, बाड़मेर ने ‘एक ही जाजम’ पर बैठकर मामले को सुलझाने की भावुक अपील जारी की है। समिति के उपाध्यक्ष किशोर सिंह कानोड़ ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह विवाद दो व्यक्तियों के बीच का है, जिसे पूरे समाज की भावनाओं से जोड़ना अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ असामाजिक तत्व इस व्यक्तिगत विवाद की आड़ में दो समाजों के बीच वर्षों पुराने भाईचारे को बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।
संवाद से समाधान की पहल—
समिति ने दोनों पक्षों और प्रबुद्धजनों से आग्रह किया है कि वे ‘एक ही परिवार’ की भावना के साथ आगे आएं। कानोड़ ने कहा, “हम सदियों से एक ही संस्कृति और परंपराओं से बंधे हैं। किसी एक व्यक्ति के मतभेद को सामाजिक संघर्ष का रूप देना समझदारी नहीं है।” राजपूत समाज के प्रबुद्धजनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और संवाद के माध्यम से विवाद को खत्म करने की अपील की है ताकि क्षेत्र में शांति और आपसी सौहार्द बना रहे। फिलहाल, प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है।




