C M NEWS: 76वां राज्यस्तरीय वन महोत्सव— पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का मूल तत्व —मुख्यमंत्री

0
218

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप हमने मन, वचन और कर्म से सदैव पर्यावरण की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव पर्यावरण एवं वृक्षों के संरक्षण के प्रति हमारे उत्तरदायित्व का प्रतीक है। इसे हम जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। प्रत्येक प्रदेशवासी अपनी मां के नाम कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं, उसे परिवार का सदस्य मानकर देखभाल करें और हरियालो राजस्थान मिशन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
श्री शर्मा रविवार को जयपुर के मदाऊ स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में 76वें वन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां पार्वती और भगवान शिव को समर्पित हरियाली तीज पर वन महोत्सव मनाने का शुभ अवसर मिला है। हरियाली तीज ही नहीं, बल्कि सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना और उपासना से जुड़ा है। बाबा भोलेनाथ की विशेष कृपा से हमारे प्रदेश और देश में खूब बारिश हो रही है, जिससे चारों तरफ हरियाली है और खेतों में फसलें लहलहा रही हैं। प्रदेश में आधे से ज्यादा बांध भर चुके हैं। यह पहली बार हुआ है कि बीसलपुर बांध जुलाई माह में ही भर गया। उन्होंने कहा कि आज किसान, मजदूर सहित सभी वर्ग खुशहाल हो रहे हैं और हमारा राजस्थान समृद्ध हो रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व है। प्रभु श्रीराम का सीता माता एवं लक्ष्मण जी के साथ चौदह वर्ष तक वन में रहना प्रेरणादायी है। पांडवों ने वनवास के दौरान वन में आश्रय लिया और अपनी सभी जरूरतों को वनोपजों से पूरा किया। मनुष्य किसी भी परिस्थिति में हो, वृक्षों के संग रहकर कुशल जीवनयापन कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्कंदपुराण में भी पेड़ों की महत्ता को दर्शाते हुए एक वृक्ष को दस पुत्रों के बराबर माना गया है।

मुख्यमंत्री ने ड्रोन से किया बीजारोपण —

समारोह में मुख्यमंत्री ने सिंदूर का पौधा लगाया और ड्रोन के माध्यम से बीजारोपण भी किया। उन्होंने वन विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और रोहिड़ा पर आधारित ब्रोशर का विमोचन भी किया। उन्होंने अमृता देवी विश्नोई स्मृति पुरस्कार और इनोवेशन अवॉर्ड का वितरण किया। श्री शर्मा ने विश्वविद्यालय परिसर में जगद्गुरू रामानंदाचार्य की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ जिले के पीपलोदी ग्राम के राजकीय विद्यालय में हृदय विदारक घटना हुई है। ऐसी दुखांतिका की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कहीं पर भी जर्जर भवन दिखाई दे तो संबंधित अधिकारी को तुरंत सूचना दें, ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। कार्यक्रम में पीपलोदी दुर्घटना पर दो मिनट का मौन रखा गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here