राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इन दिनों प्रदेश के विकास और भविष्य की योजनाओं को गति देने के लिए सक्रिय हैं। रविवार को मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। इसके बाद सोमवार को वे डूंगरपुर स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बेणेश्वरधाम में करोड़ों की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
केंद्रीय मंत्रियों के साथ सार्थक चर्चा—
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई मुलाकात में मुख्यमंत्री ने ‘पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना’ के तहत राजस्थान को मिल रहे सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। दोनों नेताओं के बीच ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को पूरा करने के लिए आधारभूत ढांचे के विस्तार और जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई।

वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ मुलाकात के दौरान राजस्थान में नई शिक्षा नीति (NEP-2020) को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं को अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के शिक्षण के माध्यम से वैश्विक रोजगार से जोड़ने के विजन पर चर्चा की। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश की ‘डबल इंजन सरकार’ ‘शिक्षित प्रदेश-उन्नत प्रदेश’ के ध्येय के साथ युवाओं को नए अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बेणेश्वरधाम में 130 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास—
आज 12 दोपहर बजे मुख्यमंत्री ‘जनजाति गौरव दिवस’ के अवसर पर डूंगरपुर के बेणेश्वरधाम पहुंचेंगे। यहाँ वे 130 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास कर वागड़ क्षेत्र को बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर बेणेश्वरधाम में तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी और राष्ट्रीय धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर सभा स्थल, हेलीपैड और प्रदर्शनी स्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री यहाँ एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जो क्षेत्र के जनजातीय समुदाय के उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




