मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए राज्य के विकास का एक नया रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार का बजट पिछली सरकार के अंतिम बजट की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है, जो राज्य की प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भविष्योन्मुखी सोच और ठोस नीतियां—
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि यदि राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना है, तो हमें अतीत की कमियों को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देखना होगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ‘काम ज्यादा-समय आधा’ के मंत्र पर चल रही है। हमारे दो साल का कार्यकाल केवल समय का बीतना नहीं, बल्कि पक्के इरादों और ठोस नीतियों का प्रमाण होगा।”
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार केवल लोकलुभावन घोषणाओं में विश्वास नहीं रखती, बल्कि धरातल पर परिणाम लाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि डबल इंजन की सरकार के माध्यम से बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेंगे।
प्रति व्यक्ति आय में रिकॉर्ड वृद्धि—
भाषण का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु राज्य की आर्थिक सेहत में सुधार रहा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार के प्रयासों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपये के पार पहुँच गई है। यह आंकड़ा राजस्थान की बढ़ती क्रय शक्ति और सुदृढ़ होती अर्थव्यवस्था का प्रतीक है।
“जब प्रति व्यक्ति आय बढ़ती है, तो आम जन के जीवन स्तर में सुधार आता है। यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि राजस्थान के हर नागरिक की समृद्धि का पैमाना है।” — भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
बजट की प्रमुख प्राथमिकताएं—
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आगामी वर्षों के विजन को साझा करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
युवा और रोजगार: सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम।
निवेश अनुकूल वातावरण: ‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे निवेश सम्मेलनों के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा देना।
कृषि और जल प्रबंधन: किसानों को सशक्त बनाने के लिए सिंचाई परियोजनाओं और बिजली आपूर्ति पर विशेष ध्यान।
बुनियादी ढांचा: सड़कों के जाल को मजबूत करना ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि ‘विकसित राजस्थान @2047’ के सपने को साकार करने की नींव है। उन्होंने विपक्ष से भी सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि विकास की दौड़ में राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश हित सर्वोपरि होना चाहिए।




