मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर में आयोजित ‘राजस्थान सी-साइड स्टार्टअप समिट-2026’ को संबोधित करते हुए प्रदेश के भविष्य को लेकर एक सशक्त विजन साझा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “राजस्थान निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है” और राज्य सरकार उद्यमियों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने दुनियाभर के उद्यमियों और निवेशकों का आह्वान किया कि वे राजस्थान के विकास में सक्रिय भागीदार बनें।
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिल रही मजबूती—
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को निरंतर मजबूत कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि राजस्थान के ‘iStart’ कार्यक्रम के तहत अब तक 7,200 से अधिक स्टार्टअप्स पंजीकृत हो चुके हैं, जिन्होंने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है और 42,500 से अधिक रोजगार सृजित किए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 658 चयनित स्टार्टअप्स को लगभग 22.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार केवल कागजी एमओयू में विश्वास नहीं रखती; ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स पर काम धरातल पर शुरू हो चुका है।
उभरती प्रौद्योगिकियों में राजस्थान की लंबी छलांग—
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान एआई, डीप टेक और डेटा साइंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि:
बजट 2026-27 में डीप टेक, डेटा और एआई लैब्स की स्थापना के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
iStart एंबेसडर प्रोग्राम के जरिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को जमीनी स्तर तक पहुँचाया जाएगा।
राज्य की अपनी AI-ML पॉलिसी और सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026 प्रदेश को तकनीकी क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाएगी।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी—
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने गौरव के साथ उल्लेख किया कि राजस्थान के स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में 2,600 से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार ‘काम ज्यादा-समय आधा’ के मंत्र के साथ उनकी नवाचारी सोच को हकीकत में बदलने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और राजस्थान अब न केवल संस्कृति बल्कि नवाचार और उद्यमशीलता के लिए भी दुनिया में पहचाना जा रहा है।




