सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण सोसायटियों) के कम्प्यूटराइजेशन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।डॉ. शर्मा ने कहा कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन ‘सहकार से समृद्धि’ विजन को साकार करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल सहकारी समितियों के कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने नाबार्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना की गति बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी टूल्स और संसाधन अविलंब उपलब्ध कराए जाएं।बैठक के दौरान शासन सचिव ने आगामी 10 दिनों का लक्ष्य निर्धारित करते हुए ‘गो-लाइव’, ‘ऑन सिस्टम ऑडिट’ और ‘ई-पैक्स’ जैसे विभिन्न चरणों में ठोस प्रगति हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसकी नियमित रूप से उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है।वर्तमान में, स्वीकृत समितियों की संख्या के आधार पर राजस्थान पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। डॉ. शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग की कटिबद्धता और अधिकारियों के प्रयासों से राजस्थान जल्द ही देश में प्रथम स्थान प्राप्त करेगा। उन्होंने ‘सहकारिता में सहकार’ पहल के अंतर्गत अतिरिक्त प्रयास करने और केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से मिलने वाले हार्डवेयर की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।इस महत्वपूर्ण डिजिटल पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और सहकारी सदस्यों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे बैंकिंग और ऋण प्रक्रिया अधिक सुगम और त्रुटिहीन बनेगी।




